नूरपुर विधानसभा से विधायक राम अवतार सिंह का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

नूरपुर विधानसभा से विधायक राम अवतार सिंह का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

नूरपुर विधानसभा
राम अवतार सिंह समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और बिजनौर जिले की नूरपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसान परिवार से आने वाले राम अवतार सिंह ने जनवरी 2022 में भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा और उसी वर्ष विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। वे ग्रामीण विकास, किसान हितों और सामाजिक समरसता के मुद्दों पर सक्रिय राजनीति के लिए जाने जाते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • आयु लगभग 57 वर्ष।
  • शिक्षा: परास्नातक।
  • पेशा: कृषि।
  • गनौरा गांव, बिजनौर के निवासी हैं।
  • किसान और ग्रामीण समाज के बीच मजबूत जनाधार रखते हैं।
राजनीतिक सफर
  • राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की।
  • जनवरी 2022 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
  • 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता।
  • भाजपा के सी.पी. सिंह को 6,065 मतों से हराकर विधायक बने।
  • पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को मजबूत करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
  • किसान, मजदूर, युवा और अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • नूरपुर क्षेत्र में सड़कों, नालियों और संपर्क मार्गों के निर्माण को बढ़ावा दिया।
  • किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं, मंडी विकास और सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया।
  • विद्यालयों के विस्तार, छात्रवृत्ति और गरीब विद्यार्थियों की सहायता में योगदान दिया।
  • पेयजल योजनाओं, हैंडपंपों और स्वास्थ्य केंद्रों के विकास पर कार्य किया।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया।
  • गरीब परिवारों को राशन, आवास और पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • जनचौपाल और जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया।
नूरपुर के प्रमुख नेता
  • राम अवतार सिंह समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और किसान तथा ग्रामीण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
  • लोकेंद्र सिंह भाजपा के पूर्व विधायक रहे हैं और संगठनात्मक राजनीति में प्रभावशाली पहचान रखते थे।
  • नईमुल हसन समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रहे हैं और अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
  • जियाउद्दीन बसपा से जुड़े नेता रहे हैं और दलित तथा पंचायत स्तर की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।