ओरई विधानसभा से विधायक गौरी शंकर वर्मा का राजनीतिक सफर, संघर्ष, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
ओरई (जालौन) विधानसभा
गौरी शंकर वर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं और ओरई विधानसभा क्षेत्र से 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं। वे कोली जाति से आते हैं। राजनीति के साथ-साथ वे समाजसेवा में भी सक्रिय रहते हैं, खासकर मोक्षधाम में लावारिस अस्थियों का विधिवत विसर्जन जैसे कार्यों में उनकी भागीदारी के लिए लोग उन्हें जानते हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामला या गंभीर आरोप दर्ज हैं।
शिक्षा और निजी पृष्ठभूमि
गौरी शंकर वर्मा का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत सब्जी के छोटे व्यवसाय से की और कड़ी मेहनत, संघर्ष तथा समाजसेवा के बल पर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया ताकि उन्हें नौकरी मिल सके, लेकिन परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्होंने अखबार बांटना, मजदूरी करना और अन्य कई काम किए। इन सभी संघर्षों के बाद वे भाजपा से जुड़े और राजनीति में सक्रिय रूप से कदम बढ़ाने लगे।
राजनीतिक सफर
- गौरी शंकर वर्मा 2017 और 2022 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
- वर्ष 2017 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के महेंद्र सिंह को लगभग 80 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया।
- वर्ष 2022 में उन्होंने सपा के दयाशंकर वर्मा को 37,648 वोटों से पराजित किया।
- 2022 के चुनाव में उन्हें एक लाख 28 हजार से अधिक वोट प्राप्त हुए, जबकि समाजवादी पार्टी को लगभग 80 हजार और बसपा को 38,542 वोट मिले।
- उनका क्षेत्र सामाजिक दृष्टि से बहुत विविध है, जिसमें अनुसूचित जाति, जाटव, ब्राह्मण, वैश्य और पिछड़ी जातियों का अच्छा प्रभाव देखा जाता है।
क्षेत्र में प्रमुख कार्य और उपलब्धियाँ
- सड़क और बिजली की स्थिति में सुधार किया गया, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और सुविधाओं की संख्या बढ़ाई गई, गरीबों के लिए आवास योजनाओं को लागू किया गया और बेसहारा जानवरों (अन्ना पशु) के लिए सार्वजनिक सुविधाओं और समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया।
- शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य, सामुदायिक भवन, शहरी विकास योजना, कनेक्टिविटी और सेवा कार्यक्रमों के अंतर्गत कई स्थानीय परियोजनाएं संचालित की गईं।
- योगी सरकार के सुरक्षा, बेहतर माहौल और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाले समर्थन अभियानों में उरई का नाम शामिल रहा।
- क्षेत्र के विकास पर उनका विशेष जोर साफ दिखाई देता है– रिपोर्ट कार्ड के अनुसार पिछले वर्षों में उनके नेतृत्व में जितना काम हुआ, वह पहले कभी नहीं हुआ।
ओरई के अन्य प्रमुख नेता और उपलब्धियाँ
- स्वतंत्र देव सिंह: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और ओरई क्षेत्र के सामाजिक-सामरिक समीकरण में एक प्रभावशाली नाम हैं। उन्होंने पार्टी की मजबूती और नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई है।
- दयाशंकर वर्मा (सपा): वे क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय नेता हैं और चुनावों में तगड़ा मुकाबला देते हैं। सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण की नीतियों पर वे हमेशा सक्रिय रहते हैं।
- उर्मिला सोनकर (कांग्रेस): पूर्व विधायक के रूप में उनका दलित वोटबैंक पर मजबूत पकड़ है और महिला कल्याण के क्षेत्र में उनकी सक्रियता चर्चा में रहती है।
ये सभी नेता ओरई के सामाजिक, शैक्षिक, और बुनियादी राहत के मुद्दों पर सक्रियता दिखाते हैं, क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण और विकास की दिशा साझा करते हैं।