पलिया विधानसभा सीट - Lakhimpur Kheri

पलिया

वर्तमान विधायक
श्री हरविन्दर कुमार साहनी उर्फ रोमी साहनी
जिला
Lakhimpur Kheri
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
खीरी
पलिया विधानसभा सीट
पलिया विधानसभा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। यह क्षेत्र अपनी भौगोलिक विविधता, कृषि प्रधानता और सामाजिक संरचना के लिए जाना जाता है। पलिया, खीरी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसका विधानसभा क्रमांक 137 है। यहां का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है और यह दुधवा नेशनल पार्क के समीप स्थित है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: लखीमपुर खीरी
विधानसभा क्रमांक: 137
लोकसभा क्षेत्र: खीरी
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी:  3.7-3.8 लाख (अनुमानित)
साक्षरता दर: 60.56%
लिंग अनुपात: 909/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 75-80%
मुस्लिम: लगभग 18-22%
अन्य समुदाय: 1-2%
अनुसूचित जाति: 26.59%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,34,784
विजेता: हरविंदर (रोमी) सहानी (भाजपा)
वोट शेयर: 50.6%
उपविजेता: प्रितिंदर सिंह कक्कू (सपा)
वोट शेयर: 34.10%
मतदान प्रतिशत: 65.5%
पलिया विधानसभा, लखीमपुर खीरी की एक अहम सीट रही है, जहां पहले कांग्रेस का दबदबा था। 1990 के दशक तक छेदालाल चौधरी ने कांग्रेस से चार बार जीत दर्ज की। इसके बाद बसपा ने अपनी पकड़ बनाई और 2002, 2007 में राजेश कुमार व 2012 में हरविंदर (रोमी) साहनी ने बसपा से जीत हासिल की। 2017 में रोमी साहनी भाजपा में आ गए और पार्टी को लंबे अंतराल के बाद यहां जीत दिलाई। 2022 में भी उन्होंने सपा के प्रिपेंद्र पाल सिंह को हराकर सीट बरकरार रखी। इस बार उन्हें 1.18 लाख से ज्यादा वोट मिले, जबकि सपा को करीब 80 हजार वोटों पर संतोष करना पड़ा। बसपा और कांग्रेस की पकड़ काफी कमजोर रही। यहां चुनावी मुकाबला अब भाजपा और सपा के बीच सिमट गया है। इस सीट पर दलित, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति और मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। किसान आंदोलन, गन्ना भुगतान, बाढ़ और विकास से जुड़ी समस्याएं यहां की राजनीति में लगातार बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
हरविंदर कुमार सहानी, जिन्हें लोग रोमी सहानी के नाम से जानते हैं, लखीमपुर खीरी जिले की पलिया विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। उन्होंने पहले प्रॉपर्टी डीलिंग और बेकरी का काम किया, लेकिन 2012 में पहली बार बसपा से विधायक बने। 2017 में वे भाजपा में शामिल हो गए और फिर लगातार दो बार (2017 और 2022) पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की। उनकी पहचान एक मिलनसार, ज़मीन से जुड़े और विकास के लिए सक्रिय नेता के रूप में है। पलिया क्षेत्र गन्ना खेती, दुधवा नेशनल पार्क और बाढ़ जैसी समस्याओं के लिए जाना जाता है, जिनसे वे लगातार जुड़कर काम करते रहे हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नही है।
पलिया विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पलिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में कई ऐसे मुद्दे रहे, जो लगातार चर्चा में बने रहे और स्थानीय लोगों की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करते रहे। गन्ना किसानों को समय पर भुगतान न मिलने, गन्ना केंद्रों की अव्यवस्था और लागत बढ़ने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाढ़ और जमीन कटान की समस्या भी बड़ी रही, क्योंकि यह क्षेत्र शारदा और घाघरा नदियों के किनारे बसा है, जहां हर साल बारिश में भारी नुकसान होता है और राहत कार्यों में देरी लोगों की नाराजगी का कारण बनती है। जर्जर सड़कों और कमजोर बुनियादी सुविधाओं ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ाईं। दुधवा जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाना एक और बड़ी समस्या रही, जिससे किसान मुआवजे और सुरक्षा की मांग करते रहे। साथ ही, दलित, पिछड़े और जनजातीय वर्ग की बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। इन सभी समस्याओं के बीच भाजपा विधायक रोमी साहनी और पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता भी राजनीतिक चर्चाओं में बनी रही। कुल मिलाकर, किसानों, बाढ़, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे पलिया की राजनीति का केंद्र रहे।

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