पटियाली विधानसभा सीट - Kasganj

पटियाली

वर्तमान विधायक
श्रीमती नादिरा सुल्तान उर्फ बिटिया
जिला
Kasganj
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
एटा
पटियाली विधानसभा सीट
पटियाली विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है। यह कासगंज ज़िले में स्थित है और एटा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1967 में परिसीमन आदेशों के तहत की गई थी और 2008 के परिसीमन के बाद इसे पहचान संख्या 102 दी गई।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जनसंख्या: 14,366
साक्षरता दर: 57.92%
लिंग अनुपात: 912/1000
धार्मिक एवं सामुदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
हिंदू: 85-88%
मुस्लिम: 11-14%
अन्य: 1% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,18,710
विजेता: नादिरा सुल्तान (सपा)
वोट शेयर: 42.1%
उपविजेता: ममतेश शाक्य (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 61.0%
पटियाली विधानसभा सीट, जो कासगंज जिले की प्रमुख और क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी सीट है, 1969 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इसका राजनीतिक इतिहास काफी विविध रहा है, जहां कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा और भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) जैसे विभिन्न दलों के नेताओं को जनता ने अवसर दिया है। पहला चुनाव 1969 में बीकेडी के तिर्मल सिंह ने जीता, जिसके बाद कांग्रेस का 1974 से 1989 तक दबदबा रहा। भाजपा ने 1991, 1993, 2000 और 2017 में सफलता पाई, वहीं बसपा ने 2002 और 2007 में और सपा ने 2012 व 2022 में जीत दर्ज की। हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन की प्रवृत्ति इस सीट की खासियत रही है। जातीय समीकरण में शाक्य समुदाय प्रमुख भूमिका निभाता है, लेकिन मुस्लिम (18%), जाटव (15%), ठाकुर (12%), ब्राह्मण और यादव (प्रत्येक 8%) समेत कई अन्य जातियां भी निर्णायक हैं। पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम मतदाता अक्सर चुनावी नतीजों की दिशा तय करते हैं। हालिया रुझानों में, 2012 में सपा की नजीबा खान जीनत, 2017 में भाजपा के ममतेश शाक्य और 2022 में सपा की नादिरा सुल्तान ने जीत हासिल की है। 2022 में नादिरा सुल्तान ने भाजपा के ममतेश शाक्य को हराया, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। यह सीट ऐसी रही है जहां कोई भी पार्टी लगातार दो बार जीत दर्ज नहीं कर सकी, जो मतदाताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
नादिरा सुल्तान समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की पटियाली विधानसभा सीट से विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता, स्वर्गीय मुशीर अहमद खान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दो बार सांसद रह चुके हैं। नादिरा सुल्तान का राजनीतिक सफर समृद्ध रहा है। वे पहले कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ चुकी हैं और 2022 में सपा के टिकट पर पटियाली से विधायक चुनी गईं। वे सपा नेता आजम खान की रिश्तेदार भी हैं और उनके पति डॉ. अब्दुल हफीज खान हैं। नादिरा सामाजिक और कृषि कार्यों से भी जुड़ी रही हैं, और 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा की 'महिला एवं बाल विकास संयुक्त समिति' की सदस्य बनीं। उनके 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे उनकी छवि एक स्वच्छ सार्वजनिक प्रतिनिधि की मानी जाती है।
पटियाली विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में पटियाली विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आई हैं। क्षेत्र में सड़कें और बुनियादी ढांचा जर्जर स्थिति में रहे, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन और विकास कार्य प्रभावित हुए। विद्युत आपूर्ति भी एक बड़ा मुद्दा रही, जहां लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र प्रभावित रहे। साथ ही, भूमिगत जलस्तर में गिरावट ने सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को चुनौतीपूर्ण बना दिया, जिससे किसान और आमजन दोनों परेशान हुए। उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति भी चिंता का विषय रही, जहां नए अस्पतालों की मांग और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे। सरकारी सेवाओं और उप निबंधक कार्यालय में कृषि विलेखों के पंजीकरण में देरी व पारदर्शिता की कमी को लेकर भी जनता ने असंतोष जताया। अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर भी क्षेत्र में चोरी, मुठभेड़, महिलाओं पर अत्याचार और अज्ञात शव मिलने जैसी घटनाएं चर्चा में रहीं, जिससे प्रशासन पर कार्रवाई की मांग तेज रही। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी, प्राकृतिक आपदाएं, स्कूल संचालन की समस्याएं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता जैसे सामाजिक मुद्दे भी लगातार उभरते रहे।

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