प्यागपुर विधानसभा सीट - Bahraich

प्यागपुर

वर्तमान विधायक
श्री सुभाष त्रिपाठी
जिला
Bahraich
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
कैसरगंज
प्यागपुर विधान सभा
प्यागपुर उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में स्थित एक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र है। यह उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 287वीं सीट है और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट सामान्य (गैर-आरक्षित) श्रेणी में आती है। यह मुख्यतः ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र है। पयागपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट है, जहाँ भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा जैसे प्रमुख दलों के बीच कड़ी टक्कर होती रही है। भाजपा के सुभाष त्रिपाठी ने लगातार दूसरी बार 2022 में यह सीट जीतकर पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाया है।
जनपद: बहराइच
आरक्षण स्थिति:सामान्य
कुल मतदाता (2022): 3,90,097
जिला: बहराइच
क्षेत्र: ग्रामीण बहुल
सामाजिक (जातीय) विभाजन
ब्राह्मण: 30%
ठाकुर: 20%
कुर्मी: 10%
अनुसूचित जाति: 10%
मुस्लिम: 15%
धार्मिक जनसंख्या
हिंदू: बहुसंख्यक (ब्राह्मण, ठाकुर, कुर्मी, दलित आदि शामिल)
मुस्लिम: लगभग 15%
अन्य धर्म: शून्य
हालिया चुनावी परिणाम
विजेता: सुभाष त्रिपाठी  (भाजपा)
वोट शेयर: 42.76%
उपविजेता: मुकेश श्रीवास्तव (सपा)
कुल मतदान: 2,28,291
मतदाता प्रतिशत: 59.0%
पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में 2017 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रभाव लगातार बना हुआ है। सुभाष त्रिपाठी ने 2017 और 2022 दोनों चुनावों में BJP के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की, जिसमें 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के मुकेश श्रीवास्तव को 12,056 मतों से हराया। इन दोनों चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच रहा, जबकि कांग्रेस और बसपा जैसी पार्टियाँ मैदान में मौजूद तो रहीं लेकिन निर्णायक भूमिका नहीं निभा सकीं। 2022 के चुनाव में भाजपा को 47.77% और सपा को 42.54% वोट मिले, जबकि कुल मतदान 59.12% रहा, जो दोनों प्रमुख दलों के बीच करीबी मुकाबले को दर्शाता है। भाजपा द्वारा लगातार दो बार जीत पार्टी की क्षेत्र में मजबूत पकड़ का नतीजा है। बता दें कि 2012 में यह सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन 2017 से राजनीतिक झुकाव भाजपा की ओर साफ दिखाई देता है।
विधायक परिचय और आपराधिक रिकॉर्ड
सुभाष त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के विशेश्वरगंज में 31 दिसंबर 1955 को जन्मे, एक शिक्षित, अनुभवी और साफ-सुथरी छवि वाले राजनेता हैं। उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से एम.ए., बी.एड. और एलएल.बी. की पढ़ाई की और पेशे से वकील एवं कृषक हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में वे 1998 में पहली बार बहराइच-श्रावस्ती से विधान परिषद सदस्य चुने गए, और 2017 व 2022 में पयागपुर विधानसभा सीट से विधायक बने। उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को दोनों चुनावों में पराजित किया। वे कई विधान परिषद समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ चार आपराधिक मामला दर्ज है।
पयागपुर विधानसभा क्षेत्र के पिछले 5 साल
पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान कानून-व्यवस्था, महंगाई, रोजगार, विकास और किसानों की समस्याएं प्रमुख मुद्दे बने रहे। ग्रामीण इलाकों में अपराध, भूमि विवाद और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही, वहीं पुलिस की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में रही। बढ़ती महंगाई, विशेषकर खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों ने आम जनता, खासकर निम्न आय वर्ग को प्रभावित किया तो दूसरी तरफ रोजगार की कमी और युवाओं के पलायन की समस्या गंभीर बनी रही, जिससे स्थानीय स्तर पर सरकारी नौकरी, स्वरोजगार और कृषि आधारित रोजगार की मांग बढ़ी है। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा की धीमी प्रगति तथा योजनाओं के लागू होने में अनियमितताओं को लेकर जनता में असंतोष देखा गया। क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के चलते किसानों की आय, सिंचाई, बीमा, खाद-बीज की उपलब्धता और कर्जमाफी जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे और चुनावी विमर्श का केंद्र बने रहे।

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