फाफामऊ विधानसभा से विधायक गुरु प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

फाफामऊ विधानसभा से विधायक गुरु प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

फाफामऊ विधानसभा
गुरु प्रसाद मौर्य भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और प्रयागराज जिले की फाफामऊ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। कृषि और सामाजिक कार्यों से जुड़े गुरु प्रसाद मौर्य लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर वे पहली बार विधायक बने। उनकी पहचान साफ-सुथरी छवि, जमीनी राजनीति और संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में रही है। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • जन्म: 3 फरवरी 1968, प्रयागराज।
  • शिक्षा: स्नातक।
  • पेशा: कृषि, व्यापार एवं सामाजिक कार्य।
  • ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और किसान परिवार से संबंध रखते हैं।
  • मौर्य-कुशवाहा समाज सहित विभिन्न वर्गों में जनाधार रखते हैं।
राजनीतिक सफर
  • 2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
  • बसपा, समाजवादी पार्टी और बाद में भाजपा से जुड़े रहे।
  • फाफामऊ क्षेत्र में बूथ स्तर पर लंबे समय तक संगठनात्मक कार्य किया।
  • 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में अंसार अहमद को हराकर विधायक बने।
  • 2012 में मिली हार के बाद 2022 में राजनीतिक वापसी दर्ज की।
  • ओबीसी राजनीति और जमीनी संगठन के मजबूत प्रतिनिधि के रूप में उभरे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • फाफामऊ-प्रयागराज मार्ग के चौड़ीकरण और सड़क सुधार कार्यों की मांग को आगे बढ़ाया।
  • गंगा किनारे के गांवों में बाढ़, जलनिकासी और पुलिया निर्माण के मुद्दे उठाए।
  • बिजली, पानी, नाली और स्थानीय आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
  • ग्रामीण संपर्क मार्गों और छोटे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।
  • विधानसभा में क्षेत्रीय समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे लगातार उठाए।
  • विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संवाद और जनसंपर्क बनाए रखा।
फाफामऊ के प्रमुख नेता
  • गुरु प्रसाद मौर्य वर्तमान भाजपा विधायक हैं और क्षेत्र के प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिने जाते हैं।
  • अंसार अहमद समाजवादी राजनीति के प्रभावशाली नेता रहे हैं और मुस्लिम-ओबीसी वोटों में मजबूत पकड़ रखते हैं।
  • विक्रमजीत सिंह 2017 में भाजपा के पहले विधायक बने थे।
  • ओम प्रकाश पटेल बसपा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं।
  • फाफामऊ क्षेत्र में विभिन्न दलों के स्थानीय नेताओं की सक्रिय राजनीतिक भूमिका रही है।