फूलपुर-पवई विधानसà¤à¤¾ सीट - Azamgarh
फूलपुर-पवई |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री रमाकांत यादव |
| जिला | Azamgarh |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | लालगंज |
फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र (आजमगढ़)
फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित है और यह राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 349वीं सीट है। यह क्षेत्र लालगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। फूलपुर पवई मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है, जिसमें कई गाँव और दो नगर पंचायतें (फूलपुर नगर पंचायत और महुल ख़ास) शामिल हैं। यहाँ का सामाजिक और राजनीतिक माहौल जातीय और धार्मिक विविधता से प्रभावित है।
जनसंख्या विवरण
कुल मतदाता (2022): 3,28,807
पुरुष: 1,71,945
महिला: 1,56,851
- कुल जनसंख्या (2011 अनुमान): 4 लाख से अधिक
- साक्षरता दर: 65-70%
धार्मिक और सामाजिक संरचना
यादव: 25-30%
राजभर: 15-20%
मुस्लिम: 20-25%
दलित: 15-20%
2022 विधानसभा चुनाव
विजेता: रमाकांत यादव (सपा)
वोट: 81,164 (42%)
विजेता: रामसूरत राजभर (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 55.0%
फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र (सीट संख्या 349), आजमगढ़ जिले में स्थित और लालगंज लोकसभा सीट का हिस्सा है, एक ग्रामीण-शहरी मिश्रित इलाका है जहाँ यादव, राजभर, दलित और मुस्लिम समुदायों की मजबूत उपस्थिति है। इस क्षेत्र का चुनावी इतिहास लगातार राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से भरा रहा है। 2022 में समाजवादी पार्टी के रमाकांत यादव ने 81,164 वोट (42%) हासिल कर भाजपा के रामसूरत राजभर को 25,306 वोटों से हराया, जबकि बसपा के शकील अहमद को 25.61% वोट मिले, जिससे मुस्लिम और दलित मतों के बँटवारे का संकेत मिलता है। इससे पहले, 2017 में भाजपा ने सपा छोड़कर आए अरुण कुमार यादव को टिकट दिया था, जिन्होंने जीत दर्ज की थी। वहीं, 2012 में सपा के श्याम बहादुर यादव ने जीत हासिल की थी। रमाकांत यादव की सपा में वापसी ने 2022 में यादव-मुस्लिम गठबंधन को फिर से मजबूत किया। भाजपा ने 2022 में राजभर समुदाय को साधने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कुल मिलाकर, यह सीट जातीय समीकरणों और दल-बदल की राजनीति के चलते लगातार बदलते रुझानों का गवाह रही है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामले
रमाकांत यादव, समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक और फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि कर रहे हैं। वर्तमान में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और जनवरी 2025 से जेल में निरुद्ध हैं। उन पर जहरीली शराब की तस्करी और वितरण का आरोप है, जिसके चलते कई लोगों की मौत हुई। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें 15 सदस्यीय अंतरराज्यीय आपराधिक गैंग का हिस्सा घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन पर भूमि अतिक्रमण, हत्या और धमकी जैसे कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रमाकांत यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए योगी सरकार पर 'फर्जी मुकदमे' थोपने का आरोप लगाया है।
फूलपुर पवई विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र ने कई गंभीर समस्याओं का सामना किया है, जिनमें सबसे प्रमुख है रोजगार की कमी, जिससे खासकर ग्रामीण युवाओं के बीच बड़े पैमाने पर पलायन देखने को मिला है। कृषि भी संकट में रही है—सिंचाई की असुविधा, फसलों के उचित मूल्य की अनुपलब्धता, और खाद-बीज जैसी आवश्यक चीज़ों की कमी ने किसानों की स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। बुनियादी ढांचे की बात करें तो क्षेत्र में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा सुविधाएं अब भी काफी हद तक अधूरी हैं। इसके अतिरिक्त, चुनावी समय के आसपास जातीय और धार्मिक तनाव भी सामाजिक समरसता में बाधा डालते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है, जहाँ सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में बुनियादी संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है।