पिपराइच विधानसभा सीट - Gorakhpur

पिपराइच

वर्तमान विधायक
श्री महेन्द्र पाल सिंह
जिला
Gorakhpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
गोरखपुर
पिपराइच विधानसभा सीट
पिपराइच विधानसभा सीट (संख्या 321) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है और गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट गोरखपुर शहर के पूर्वी हिस्से और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। पिपराइच क्षेत्र कृषि, चीनी मिल और छोटे व्यवसायों के लिए जाना जाता है। सीट पर कोई आरक्षण नहीं है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गोरखपुर
विधानसभा क्रमांक: 321
लोकसभा क्षेत्र: गोरखपुर
अनुमानित आबादी: 3.5–4 लाख
साक्षरता दर: 60.4%
लिंग अनुपात: 921/1000
आरक्षण: सामान्य
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 80-85%
मुस्लिम: 12-15%
अन्य समुदाय: 1% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,57,129
विजेता: महेंद्र पाल सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 55.1%
उपविजेता: अमरेन्द्र निषाद (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.4%
पिपराइच विधानसभा क्षेत्र, जो गोरखपुर जिले में आता है और गोरखपुर लोकसभा सीट का हिस्सा है, पिछले कुछ सालों में राजनीतिक रूप से काफी अहम रहा है। 1991 के बाद यहां 2017 में पहली बार भाजपा ने मजबूत वापसी की, जब महेंद्र पाल सिंह ने सीट जीतकर पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई। इससे पहले यहां समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों का भी प्रभाव रहा है। 2007 में बसपा के जमुना निषाद और 2012 में सपा की राजमति ने जीत दर्ज की थी। इस क्षेत्र में जातीय समीकरण और स्थानीय नेताओं की पकड़ चुनावी नतीजों को काफी प्रभावित करती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर महेंद्र पाल सिंह ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की और समाजवादी पार्टी के अमरेंद्र निषाद को 65,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। उन्हें करीब 55% वोट मिले, जबकि सपा और बसपा को क्रमशः लगभग 30% और 12% वोट हासिल हुए। कांग्रेस और अन्य दलों का इस चुनाव में खास प्रभाव नहीं रहा।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
महेंद्र पाल सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ राजनेता हैं और उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के सदस्य हैं। वे गोरखपुर जिले के पिपराइच विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 1984 में डिग्विजय नाथ डिग्री कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वे मल्ल सैथवार समुदाय से आते हैं और 'श्री सत्यनारायण सेवा ट्रस्ट' के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को 12,809 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को 60,000 से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।
पिपराइच विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम तब देखने को मिला जब 2019 में उनौला में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई, जो कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई की सुविधा देता है। यह स्कूल इलाके के बच्चों के लिए बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया अवसर बना। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के महेंद्र पाल सिंह ने बसपा के आफताब आलम (गुड्डू भैया) को हराकर जीत हासिल की और 63% से ज्यादा मतदान होने से यहां की राजनीतिक जागरूकता भी झलकी। क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और कृषि से जुड़े मुद्दों पर लोग लगातार काम की मांग करते रहे हैं। कुछ काम हुए भी हैं, लेकिन विकास की रफ्तार को लेकर अब भी स्थानीय लोगों में असंतोष है। शिक्षा के साथ-साथ सड़कों का निर्माण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी चर्चा में बनी रहीं।

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