इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा से विधायक नंद गोपाल गुप्ता नंदी का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा से विधायक नंद गोपाल गुप्ता नंदी का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

नंद गोपाल गुप्ता नंदी का परिचय और योग्यता
नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' का जन्म 23 अप्रैल 1974 को प्रयागराज में बनिया परिवार में हुआ। वे स्नातक हैं और शुरुआत से ही कारोबार और सामाजिक सेवा से जुड़े रहे। उनकी छवि भूमि और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने वाले मंत्री की बनी है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2010 में उन पर जानलेवा बम हमला भी हुआ था। उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी प्रयागराज की सबसे युवा महापौर रह चुकी हैं।
राजनीतिक सफर
2007 में बसपा के टिकट पर इलाहाबाद दक्षिण से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने और मायावती सरकार में मंत्री रहे। 2012 में सपा उम्मीदवार हाजी परवेज अहमद से हार के बाद कांग्रेस में गए। 2017 में भाजपा में शामिल होकर फिर से विधायक बने और भाजपा सरकार में मंत्री बने। 2022 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
विधानसभा सीट का इतिहास और चुनाव परिणाम
2022 में नंद गोपाल ने 97,864 वोट प्राप्त किए और सपा उम्मीदवार को 26,182 वोटों से हराया। 2017 में भी उन्होंने जीत हासिल की थी। इससे पहले केशरी नाथ त्रिपाठी इस सीट के सबसे प्रभावशाली नेताओं में रहे हैं।
नंद गोपाल नंदी के प्रमुख कार्य
औद्योगिक विकास, भूमि निवेश, निर्यात संवर्धन, रोजगार सृजन और औद्योगिक पार्क निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। सड़क, ओवरब्रिज, पानी, बिजली परियोजनाओं की मंजूरी और सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रयागराज को स्मार्ट सिटी मिशन में आगे बढ़ाने में भी उनका योगदान रहा।
विरोधी दल और अन्य प्रमुख नेता
केशरी नाथ त्रिपाठी, हाजी परवेज अहमद, सतीश चंद्र जायसवाल, नंदलाल गुप्ता और रईस शुक्ला जैसे नेताओं ने भी इस क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्षेत्रीय प्रभाव
इलाहाबाद दक्षिण प्रयागराज शहर के मध्य स्थित एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है जहां रोजगार, निर्यात, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे प्रमुख राजनीतिक विषय रहे हैं।