इलाहाबाद पश्चिम विधानसà¤à¤¾ सीट - Allahabad
इलाहाबाद पश्चिम |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | सिद्धार्थ नाथ सिंह |
| जिला | Allahabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फूलपुर |
प्रयागराज (इलाहाबाद) पश्चिम विधानसभा सीट
इलाहाबाद पश्चिम, जिसे अब आधिकारिक रूप से प्रयागराज पश्चिम कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित एक प्रमुख विधानसभा क्षेत्र है। यह फूलपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है और जिले के 12 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। प्रयागराज अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, विशेष रूप से कुंभ मेला के कारण इसे 'कुंभ नगरी' भी कहा जाता है। यह क्षेत्र शहरी और ग्रामीण जनसंख्या के संतुलन के कारण राजनीतिक रूप से अत्यंत सक्रिय और महत्वपूर्ण माना जाता है।
जनसांख्यिकी आंकड़े (जनगणना 2011 और 2022 के चुनावी आंकड़ों के अनुसार)
कुल जनसंख्या (2011): 5,16,139
ग्रामीण जनसंख्या: 34.9%
शहरी जनसंख्या: 65.1%
लिंगानुपात: 853/1000 पुरुष
साक्षरता दर: 84.7%
मतदान प्रतिशत:
मतदाता संख्या (2022): 4,59,599
2019 लोकसभा चुनाव: 42.32%
2022 विधानसभा चुनाव: 48.61%
धार्मिक संरचना
इलाहाबाद पश्चिम की धार्मिक जनसंख्या का अनुमान शहर और जिले के आँकड़ों पर आधारित है:
हिंदू: 76.03%
मुस्लिम: 21.94%
अन्य (सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध आदि): ~2.03%
जातीय एवं सामुदायिक संरचना
अनुसूचित जातियाँ (SC): 22.13%
अनुसूचित जनजातियाँ (ST): 0.31%
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 22%
जातिय और धार्मिक संरचना:
ब्राह्मण: 10%
ठाकुर: 8%
वैश्य: 7%
मुस्लिम: 22%
अन्य: 10% (अन्य छोटे समुदाय)
राजनीतिक इतिहास और परिदृश्य
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम:
विजेता: सिद्धार्थ नाथ सिंह (बीजेपी)
वोट शेयर: 53.29% वोट
उपविजेता: ऋचा सिंह (सपा)
बीजेपी की मजबूत पकड़ इस क्षेत्र में शहरी वोट बैंक और सवर्ण एकजुटता के कारण बनी हुई है। सपा, अपने यादव-मुस्लिम आधार पर केंद्रित है और एक मज़बूत चुनौती पेश करती है। वहीं बसपा और कांग्रेस फिलहाल कमजोर स्थिति में हैं, लेकिन अपने पारंपरिक वोट बैंक को वापस लाने का प्रयास कर रही हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामले
सिद्धार्थ नाथ सिंह एक प्रमुख भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक (बीए ऑनर्स) किया है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की और बाद में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और आंध्र प्रदेश के प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। 2017 में वे प्रयागराज पश्चिम से विधायक चुने गए और योगी आदित्यनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। उनके खिलाफ किसी आपराधिक मामले की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति, खराब सड़कों और यातायात व्यवस्था, तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। क्षेत्र में पानी, बिजली और सड़क जैसी योजनाएं तो शुरू हुई हैं, लेकिन उनका पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो पाया है, जैसे भगवतपुर में पानी की टंकी होने के बावजूद जल आपूर्ति नहीं हो रही। युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे, जिससे बेरोजगारी बनी हुई है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुविधाओं की कमी है और सरकारी अस्पताल अभी प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा। साथ ही, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोग चिंतित हैं।