पूरनपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Pilibhit
पूरनपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री बाबूराम |
| जिला | Pilibhit |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | पीलीभीत |
पूरनपुर विधानसभा सीट
पूरनपुर विधानसभा उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की एक प्रमुख और ऐतिहासिक सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 129 है और पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। पूरनपुर सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। यहां पहली बार चुनाव 1962 में हुआ था और तब से यह क्षेत्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाती रही है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: पीलीभीत
विधानसभा क्रमांक: 129
लोकसभा क्षेत्र: पीलीभीत
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: अनुमानित 3 लाख
साक्षरता दर: 69.65%
लिंग अनुपात: 912/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 51.98%
मुस्लिम: 45.23%
अन्य समुदाय: लगभग 2.79%
अनुसूचित जाति: अनुमानित 20–22%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,66,634
विजेता: बाबूराम पासवान (भाजपा)
वोट शेयर: 50.4%
उपविजेता: आरती (सपा)
मतदान प्रतिशत: 69.5%
पूरनपुर विधानसभा, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की SC आरक्षित और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण सीट, जिसे “मिनी पंजाब” भी कहा जाता है, अपनी विविध जनसंख्या और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए जानी जाती है। 1962 से शुरू हुए चुनावी सफर में यहां कांग्रेस, जनता दल, भाजपा, बसपा और सपा बारी-बारी से सत्ता में आए हैं। 2007 में बसपा के अरशद खां, 2012 में सपा के पीतमराम और 2017 में भाजपा के बाबूराम पासवान जीते, और दिलचस्प बात यह रही कि यहां से जिस दल का विधायक चुना गया, आमतौर पर वही पार्टी प्रदेश में सत्ता में आई। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम, ब्राह्मण और सिख समुदाय का यहां चुनावी गणित में अहम योगदान है, जबकि गन्ना किसानों की समस्याएं, सिंचाई, बुनियादी सुविधाएं और सामाजिक संतुलन हमेशा मुख्य मुद्दे रहे हैं। 2022 में भाजपा के बाबूराम पासवान ने 50.12% वोट पाकर सपा की आरती को 40.21% वोट के साथ हराया, जबकि बसपा के अशोक कुमार राजा 5.99% वोट पर तीसरे स्थान पर रहे। करीब 70% मतदान वाले इस चुनाव ने भाजपा को लगातार दूसरी बार जीत दिलाई और एक बार फिर साबित किया कि पूरनपुर के नतीजे प्रदेश की सत्ता के रुझान से गहराई से जुड़े रहते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बाबूराम पासवान, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की पूरनपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक, 15 जुलाई 1962 को उदरहा गांव में जन्मे और अनुसूचित जाति (पासी) समुदाय से आते हैं। 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ और जनसंपर्क का प्रभाव बनाए रखा है। चुनावी हलफनामों के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
पूरनपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में पूरनपुर विधानसभा का माहौल किसानों की परेशानियों, बुनियादी सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी, सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक बदलावों से गहराई से प्रभावित रहा है। गन्ना किसानों को उचित मूल्य व समय पर भुगतान न मिलना, सिंचाई और मंडी व्यवस्था की खामियां यहां का बड़ा मुद्दा रहीं, जबकि पेयजल, बिजली की अनियमित आपूर्ति, टूटी सड़कें, जल निकासी और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने लोगों की चिंता बढ़ाई। युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के सीमित अवसर, सरकारी नौकरियों की मांग और बेरोजगारी की समस्या लगातार उठती रही। विविध जातीय और धार्मिक समुदायों वाला यह सीमावर्ती इलाका भारत-नेपाल सीमा की वजह से सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों से भी जुड़ा रहा। राजनीतिक रूप से यहां सपा और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जबकि पहले बसपा और कांग्रेस का भी असर रहा। 2017 में भाजपा के बाबूराम पासवान, 2012 में सपा के पीतमराम और 2007 में बसपा के अरशद खान ने जीत दर्ज की, जो दर्शाता है कि यहां की जनता समय-समय पर अलग-अलग दलों को मौका देती रही है।