पूरनपुर विधानसभा से विधायक बाबूराम पासवान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

पूरनपुर विधानसभा से विधायक बाबूराम पासवान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

पूरनपुर विधानसभा
बाबूराम पासवान भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और पीलीभीत जिले की पूरनपुर (एससी) विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 15 जुलाई 1962 को जन्मे बाबूराम पासवान पासी समाज के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। 2017 और 2022 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर उन्होंने क्षेत्र में भाजपा का मजबूत जनाधार स्थापित किया। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • जन्म: 15 जुलाई 1962, पीलीभीत क्षेत्र।
  • शिक्षा: बीए (स्नातक)।
  • पेशा: कृषि, व्यवसाय और राजनीति।
  • पासी समाज के प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान रखते हैं।
  • ग्रामीण और दलित समाज के बीच मजबूत जनाधार रखते हैं।
राजनीतिक सफर
  • 2017 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पहली बार विधायक चुने गए।
  • समाजवादी पार्टी के पीतम राम को हराकर राजनीतिक पहचान बनाई।
  • 2022 में समाजवादी पार्टी की आरती को 26,817 मतों से हराकर दूसरी बार विधायक बने।
  • लगातार दो चुनावी जीत के बाद पूरनपुर को भाजपा का मजबूत गढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • दलित, किसान और ग्रामीण समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
  • क्षेत्र में संगठनात्मक रूप से भाजपा को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • ग्रामीण सड़कों, इंटरलॉकिंग मार्गों, पुलियों और नालियों के निर्माण को बढ़ावा दिया।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत संपर्क मार्गों के विकास पर कार्य किया।
  • दलित समाज के लिए छात्रवृत्ति, आवास, पेंशन और रोजगार योजनाओं की निगरानी की।
  • पेयजल, बिजली और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए प्रयास किए।
  • किसानों के हितों और कृषि विकास से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया।
  • सरकारी योजनाओं को अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए शिविरों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया।
पूरनपुर के प्रमुख नेता
  • बाबूराम पासवान दो बार विधायक रह चुके हैं और दलित समाज के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं।
  • डॉ. विनोद तिवारी पूर्व विधायक और पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहे हैं।
  • वी.एम. सिंह किसान आंदोलन और क्षेत्रीय राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे हैं।
  • अरशद खान पूर्व विधायक रहे हैं और मुस्लिम-दलित-ओबीसी राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
  • पीतम राम समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रहे हैं और दलित समाज के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।