पुरकाजी विधानसà¤à¤¾ सीट - Muzaffarnagar
पुरकाजी |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | अनिल कुमार |
| जिला | Muzaffarnagar |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | राष्ट्रीय लोक दल |
| कुल मतदाता | 2,14,164 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बिजनौर |
पुरकाज़ी विधानसभा सीट
पुरकाज़ी विधानसभा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से विविध सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 13 है और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। पुरकाज़ी सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। इसका गठन 2011 में हुआ और 2012 में पहली बार यहां चुनाव हुए। क्षेत्र समीपवर्ती उत्तराखंड सीमा और गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के लिए भी जाना जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मुजफ्फरनगर
विधानसभा क्रमांक: 13
लोकसभा क्षेत्र: बिजनौर
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: लगभग 2,81,311
साक्षरता दर: 65-68%
लिंग अनुपात: 795/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 59%
मुस्लिम: 38-40%
अन्य समुदाय: लगभग 1–2%
अनुसूचित जाति: 20-22%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,14,164
विजेता: अनिल कुमार (राष्ट्रीय लोकदल)
वोट शेयर: 43.3%
उपविजेता: प्रमोद उटवाल (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 65.2%
पुरकाज़ी विधानसभा, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक अहम सीट है, जो बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में आती है और अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। 2012 में परिसीमन के बाद बनी इस सीट में पहले चरथावल और मोरना के कुछ हिस्से शामिल थे। 2012 के पहले चुनाव में बसपा के अनिल कुमार विजेता बने, 2017 में भाजपा के प्रमोद उटवाल ने जीत दर्ज की, जबकि 2022 में रालोद के अनिल कुमार ने प्रमोद उटवाल को कड़ी टक्कर देते हुए 6,532 वोटों के अंतर से सीट अपने नाम की। लगभग 3,29,110 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में दलित वोटर बहुसंख्यक हैं, जबकि मुस्लिम, जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, त्यागी, ठाकुर और सिख समुदाय भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। गन्ना किसानों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाओं की कमी, सामाजिक सौहार्द, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और कानून व्यवस्था यहां के मुख्य चुनावी मुद्दे रहे हैं। 2022 में रालोद की जीत ने न केवल भाजपा को कड़ी चुनौती दी, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव का भी संकेत दिया।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अनिल कुमार, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाज़ी विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के विधायक और वर्तमान में राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। अनिल कुमार 2007 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे पहली बार चरथावल सीट से विधायक बने, फिर 2012 में परिसीमन के बाद बनी पुरकाज़ी सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2017 में हार के बाद उन्होंने 2022 में रालोद के टिकट पर शानदार वापसी की। पश्चिमी यूपी में दलित और पिछड़े वर्ग के वोटरों को साधने की रणनीति के तहत रालोद ने उन्हें मंत्री पद भी दिया। अनिल कुमार दलित हितों और किसान मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं, साथ ही क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक समीकरणों में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। 2022 चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले हैं।
पुरकाज़ी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में पुरकाज़ी विधानसभा की राजनीति और जनचर्चा का केंद्र किसानों, खासकर गन्ना किसानों की समस्याएं, बुनियादी ढांचे की कमी, सामाजिक सौहार्द, रोजगार के अवसर, कानून-व्यवस्था और विकास की रफ्तार रही है। गन्ने का उचित मूल्य समय पर न मिलना, भुगतान में देरी, सिंचाई और मंडी व्यवस्था की दिक्कतें किसानों की सबसे बड़ी चिंता बनी रहीं, जबकि पेयजल, बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी आधारभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों में असंतोष पैदा किया। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में हिंदू और अन्य समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखना भी राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा रहा। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के सीमित अवसर, बेरोजगारी से जुड़ी नाराजगी, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की जरूरत बार-बार उठती रही। विकास कार्यों की धीमी गति और नेताओं के जनसंपर्क की कमी ने मतदाताओं को निराश किया। वहीं, किसान आंदोलन ने किसानों में जागरूकता बढ़ाई और उनके मुद्दों को चुनावी एजेंडे का केंद्रीय विषय बना दिया, जो 2022 के चुनाव में भी निर्णायक साबित हुए।