पुरवा विधानसभा सीट - Unnao

पुरवा

वर्तमान विधायक
श्री अनिल कुमार सिंह
जिला
Unnao
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
उन्नाव
पुरवा विधानसभा सीट
पुरवा विधानसभा, उन्नाव जिले के छह प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। यह सीट ऐतिहासिक रूप से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है, लेकिन 2022 में पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की। क्षेत्र कृषि, बासमती चावल मंडी और बालिका महाविद्यालय के लिए जाना जाता है, 'छोटी काशी' के नाम से विख्यात पडरी कला गांव भी यहीं है। प्रमुख जातियों में लोधी, यादव, ब्राह्मण, रावत और मुसलमान प्रमुख हैं। साक्षरता और सामाजिक साझा संस्कृति इसकी विशेषता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: उन्नाव
विधानसभा क्रमांक: 167
लोकसभा क्षेत्र: उन्नाव
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 4,10,000
साक्षरता दर: लगभग 73%
लिंग अनुपात: लगभग 834/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 81%
मुस्लिम: लगभग 8.5%
अन्य समुदाय: 1.5%
अनुसूचित जाति: अनुमानित 21%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,53,409
विजेता: अनिल सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 52.8%
उपविजेता: उदयराज (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.62%
पुरवा विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित है और लखनऊ व रायबरेली जिलों की सीमा से सटा हुआ है। लंबे समय तक यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही, लेकिन 1993 में समाजवादी पार्टी (सपा) ने यहां से सत्ता पर कब्जा किया और लगातार पांच चुनाव जीत दर्ज किए। खासकर हिलौली ब्लॉक का इस क्षेत्र की राजनीति पर खास प्रभाव रहा है, जिसने पिछले 70 वर्षों में करीब 53 साल तक विधायक दिए। प्रमुख नेताओं में हृदय नारायण दीक्षित, उदयराज यादव और अनिल सिंह शामिल हैं। 2017 में बसपा के अनिल सिंह ने चुनाव जीतकर बाद में भाजपा में शामिल हो गए। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से सपा के लिए मजबूत माना जाता रहा है। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अनिल सिंह ने सपा के उदयराज यादव को करीब 31,061 वोटों के बड़े अंतर से हराया। अनिल सिंह को कुल 52.27% वोट मिले, जबकि उदयराज यादव को 40.14% वोट और बसपा की विनोद कुमारी को 4.12% वोट प्राप्त हुए। कुल मतदाता संख्या लगभग 4 लाख थी, जिसमें पुरुष मतदाता 2,19,023 और महिला मतदाता 1,82,484 थे। जातीय तौर पर इस क्षेत्र में लोधी सबसे बड़े वोट बैंक के रूप में हैं, उसके बाद यादव, ब्राह्मण, रावत, मुस्लिम और क्षत्रिय समुदाय आते हैं। क्षेत्र की मुख्य समस्याएं स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति, टूटी सड़कों, बिजली-पानी की अनियमित आपूर्ति और कृषि से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अनिल कुमार सिंह 42 साल के हैं और भाजपा से पुरवा विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक हैं। उनकी शिक्षा 12वीं तक की है और वे व्यवसाय, वेतन, कृषि व किराया से अपना पेशा चलाते हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की थी। मौरावां क्षेत्र में वे काफी सक्रिय और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। हालांकि उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उनका कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं है।
पुरवा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पुरवा विधानसभा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में कई गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी चुनौती स्वास्थ्य सेवाओं की रही है, जहां सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं बहुत ही कमजोर हैं और ग्रामीण जनता को इलाज कराने में काफी दिक्कतें होती हैं। इसके अलावा, सड़कों की हालत बेहद खराब है; गड्ढों और टूटी-फूटी सड़कों की वजह से आवागमन और कनेक्टिविटी में बड़ी समस्याएं बनी रहती हैं। कृषि क्षेत्र भी पीछे छूटा हुआ है, किसानों को सिंचाई, बुवाई और मंडी व्यवस्था में सुधार की बेहद जरूरत महसूस होती है। जातीय समीकरण इस क्षेत्र की राजनीति पर गहरा असर डालते हैं, जहां लोधी, यादव, ब्राह्मण, रावत, मुस्लिम और क्षत्रिय समुदाय मुख्य रूप से सक्रिय हैं। साथ ही बिजली और पानी की अनियमित आपूर्ति ने आम जनता की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। पुरवा विधानसभा क्षेत्र लखनऊ और रायबरेली जिले की सीमा पर स्थित है और चुनावी तौर पर हमेशा से काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के अनिल सिंह ने जीत हासिल की थी, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

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