राम नगर विधानसभा सीट - Barabanki

राम नगर

वर्तमान विधायक
श्री फरीद महफूज किदवई
जिला
Barabanki
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बाराबंकी
रामनगर विधानसभा क्षेत्र (बाराबंकी, उत्तर प्रदेश)
रामनगर उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 267 है, जो बाराबंकी जनपद में स्थित है। यह क्षेत्र रामनगर नगर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों को कवर करता है। रामनगर बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट अनारक्षित (सामान्य वर्ग) श्रेणी में आती है। वर्ष 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के फरीद महफूज़ किदवई मौजूदा विधायक हैं, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निवर्तमान विधायक को करीबी मुकाबले में हराया था।
जनसंख्या
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 267
जनपद: बाराबंकी
लोकसभा क्षेत्र: बाराबंकी
आरक्षण स्थिति: सामान्य
कुल मतदाता (2022): 2,33,639
अनुमानित जनसंख्या (2024): लगभग 3,10,000–3,30,000
अनुसूचित जातियाँ (SC):  20–25%
धार्मिक और सामुदायिक विभाजन
हिन्दू: 75–78%
मुस्लिम: 20–22%
अन्य: 3% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
विजेता: फरीद महफूज किदवई (सपा)
वोट शेयर: 41.96%
उपविजेता: शरद कुमार अवस्थी (भाजपा)
रामनगर विधानसभा सीट (बाराबंकी) का राजनीतिक इतिहास अत्यंत प्रतिस्पर्धी और बहुपक्षीय रहा है, जहां भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों का प्रभाव समय-समय पर देखने को मिला है। यह सीट परंपरागत रूप से सत्ता विरोधी रुझान (ऐंटी-इंकम्बेंसी) के लिए जानी जाती है। पिछले चार चुनावों में हर बार अलग पार्टी का उम्मीदवार विजयी रहा है। 2007 में बसपा के अमरेश कुमार ने जीत दर्ज की, जबकि 2012 में सपा के अरविंद कुमार सिंह (गोप) विजयी रहे और मंत्री बने। 2017 में भाजपा के शरद कुमार अवस्थी ने सपा उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया, लेकिन 2022 में सपा के फरीद महफूज किदवई ने मात्र 261 वोटों के अंतर से भाजपा से यह सीट छीन ली। क्षेत्र की सामाजिक संरचना में मुस्लिम, दलित, ठाकुर, ब्राह्मण और ओबीसी (विशेषकर कुर्मी और यादव) मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिससे चुनावी समीकरण हर बार बदल जाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
फरीद महफूज किदवई समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामनगर विधानसभा (बाराबंकी) से विधायक हैं। वे पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार में योजना, तकनीकी शिक्षा, वन और खेल जैसे विभागों के मंत्री रह चुके हैं। छह बार विधायक रह चुके किदवई ने रामनगर से तीन बार, मसौली से दो बार और कुर्सी से एक बार चुनाव जीता है। 2012 में कुर्सी सीट से जीतकर अखिलेश यादव सरकार में मंत्री बने और 2022 में रामनगर से विधायक चुने गए। फरीद किदवई ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में एम.एससी की डिग्री प्राप्त की है। वे एक अनुभवी, साफ-सुथरी छवि वाले नेता माने जाते हैं, जो विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। विधायक निधि का उपयोग उन्होंने सड़क निर्माण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और हैंडपंप जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया है। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
रामनगर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
रामनगर और आसपास की तहसीलों के लिए बाढ़ और प्राकृतिक आपदाएं हर वर्ष एक गंभीर समस्या बनी रहती हैं, जिससे फसलें नष्ट होती हैं, आवागमन बाधित होता है और राहत कार्यों में सुस्ती को लेकर लगातार सवाल उठते हैं। क्षेत्र की सड़कों की जर्जर स्थिति, टूटी-फूटी नालियां, जलभराव और सफाई की बदहाल व्यवस्था भी नागरिकों की प्रमुख शिकायतों में शामिल रही है, जबकि अपेक्षित शहरीकरण के बावजूद बुनियादी ढांचे का विकास धीमा रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को गहरा झटका तब लगा जब सूत मिल और बुढ़वल चीनी मिल जैसे प्रमुख उद्योग बंद हो गए, जिससे रोजगार के अवसर घटे और युवाओं का पलायन बढ़ा। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक रही, उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी और ट्रॉमा सेंटर होने के बावजूद सरकारी अस्पताल का केवल रेफरल सेंटर के रूप में चलना इस बात का संकेत है। इन सबके बीच बेरोजगारी क्षेत्र के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी रही है, जहां स्थानीय रोजगार के साधनों की कमी और सरकारी नौकरियों की सीमित उपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़