रामपुर खास विधानसभा से विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

रामपुर खास विधानसभा से विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

रामपुर खास विधानसभा
आराधना मिश्रा 'मोना' भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं और प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं। 2014 के उपचुनाव से शुरू हुआ उनका विधायी सफर 2017 और 2022 की जीत के साथ लगातार मजबूत हुआ है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • जन्म: 20 अप्रैल 1974, प्रयागराज।
  • शिक्षा: बी.कॉम और एमबीए, इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
  • सामाजिक और ग्रामीण विकास कार्यों से लंबे समय से जुड़ी रही हैं।
  • ब्लॉक प्रमुख के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
  • महिला नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
राजनीतिक सफर
  • 2014 में उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनीं।
  • 2017 और 2022 में लगातार दोबारा जीत दर्ज की।
  • रामपुर खास में कांग्रेस की पारंपरिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया।
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता बनीं।
  • किसान, महिला सुरक्षा और संविधान से जुड़े मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई।
  • प्रदेश स्तर पर कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों को विधानसभा में लगातार उठाया।
  • सड़क, पेयजल और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के विकास की मांग की।
  • महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
  • किसानों और ग्रामीण समुदायों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
  • धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
  • सदन से लेकर सड़क तक विपक्ष की प्रभावशाली आवाज बनी रहीं।
रामपुर खास के प्रमुख नेता
  • आराधना मिश्रा 'मोना' वर्तमान विधायक और कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं।
  • प्रमोद तिवारी नौ बार विधायक और क्षेत्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
  • नागेश प्रताप सिंह भाजपा के प्रमुख क्षेत्रीय नेता और लगातार चुनौती देने वाले उम्मीदवार रहे हैं।
  • रामपुर खास लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।