रानीगंज विधानसभा सीट - Pratapgarh

रानीगंज

वर्तमान विधायक
डा0 राकेश कुमार वर्मा
जिला
Pratapgarh
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
प्रतापगढ़
रानीगंज विधानसभा सीट
रानीगंज विधानसभा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की महत्वपूर्ण सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 250 है और प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह क्षेत्र पूरी तरह ग्रामीण-शहरी मिश्रित है और 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इस सीट पर कोई आरक्षण लागू नहीं है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: प्रतापगढ़
विधानसभा क्रमांक: 250
लोकसभा क्षेत्र: प्रतापगढ़
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
साक्षरता दर: 71%
लिंग अनुपात: 998/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन  (जिला)
हिंदू: अनुमानित 85%
मुस्लिम: अनुमानित 13-14%
अन्य समुदाय: 1-2%
अनुसूचित जाति: अनुमानित 18-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,87,576
विजेता: डॉ. आर. के. वर्मा (सपा)
वोट शेयर: 40.05%
उपविजेता: अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 55.9%
बिहार के अररिया जिले की रानीगंज विधानसभा सीट 1962 से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और यहां की राजनीति हमेशा से जातीय समीकरणों पर टिकी रही है, जहां अनुसूचित जाति, मुस्लिम, यादव और अतिपिछड़ा वर्ग की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। इस क्षेत्र में समय-समय पर कांग्रेस, बीजेपी, जनता दल, जेडीयू और आरजेडी जैसी पार्टियों ने जीत दर्ज की है। स्थानीय मुद्दों में पलायन, बाढ़, विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे अहम रहे हैं। 2010 में बीजेपी के अचमित ऋषिदेव ने जीत हासिल की, 2015 में आरजेडी के अविनाश मंगलम विजेता बने, जबकि 2020 में फिर अचमित ऋषिदेव ने जेडीयू के टिकट पर अविनाश मंगलम को 2,304 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की। उस समय उन्हें 44.12% और अविनाश मंगलम को 42.88% वोट मिले थे। हाल के वर्षों में जेडीयू इस सीट पर मजबूत बनी हुई है, लेकिन महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) और जेडीयू-भाजपा गठजोड़ के बीच मुकाबला हमेशा कड़ा रहा है। 2022 के लिए आधिकारिक परिणाम उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन 2020 के आंकड़े बताते हैं कि यहां की जनता विकास के साथ-साथ जातीय समीकरणों को भी ध्यान में रखकर वोट देती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. आर. के. वर्मा, जिन्हें राकेश कुमार वर्मा के नाम से भी जाना जाता है, समाजवादी पार्टी के विधायक और पेशे से चिकित्सक हैं, जो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 29 नवंबर 1974 को सरई देव राय, मंडथा, प्रतापगढ़ में जन्मे डॉ. वर्मा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.एससी. और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से बी.एएमएस. की डिग्री हासिल की है। वे 2017 और 2022, दोनों विधानसभा चुनावों में जीत चुके हैं और सपा के विभिन्न स्थायी विधायी समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार इनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
रानीगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बिहार के अररिया जिले की रानीगंज विधानसभा में राजनीति और जनजीवन का केंद्र विकास, रोजगार, जातीय समीकरण और बाढ़ की चुनौती जैसे मुद्दे रहे हैं। इस दौरान पुल, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सरकारी अस्पताल और निजी स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी। दूसरी ओर, बेरोजगारी और पलायन यहां की सबसे बड़ी चिंताओं में रही, क्योंकि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में बिहार से बाहर जा रहे हैं। अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित इस सीट पर दलित मतदाताओं के साथ मुस्लिम, यादव और अतिपिछड़ा वर्ग की अहम भूमिका रहती है, जिससे हर चुनाव में जातीय समीकरण निर्णायक साबित होते हैं। महागठबंधन और जदयू-भाजपा गठजोड़ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। साथ ही, हर साल आने वाली बाढ़ स्थानीय लोगों की जिंदगी और खेती-किसानी पर गहरा असर डालती है, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की मांग और तेज हो जाती है। 2020 के चुनाव में भी जनता ने इन मुद्दों को खास नजरिए से परखा और विकास व रोजगार को प्राथमिकता दी।

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