राठ विधानसà¤à¤¾ सीट - Hamirpur
राठ |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती मनीषा |
| जिला | Hamirpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | हमीरपुर |
राठ विधानसभा सीट
राठ विधानसभा सीट (संख्या 229) उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित है और यह हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक सीटों में गिनी जाती है। राठ कस्बा और आसपास के ग्रामीण इलाके इस क्षेत्र में आते हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: हमीरपुर
विधानसभा क्रमांक: 229
लोकसभा क्षेत्र: हमीरपुर
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
आरक्षण : अनुसूचित जाति
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 83-85%
मुस्लिम: 14-15%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
अनुसूचित जाति: करीब 23%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,54,840
विजेता: मनीषा अनुरागी (भाजपा)
वोट शेयर: 54.7%
उपविजेता: चंद्रावती (सपा)
मतदान प्रतिशत: 64.6%
राठ विधानसभा, जो हमीरपुर जिले की एक सुरक्षित (SC) सीट है, का राजनीतिक इतिहास कई बदलावों से भरा रहा है। शुरू में यानी 1952 से 1985 तक कांग्रेस का अच्छा प्रभाव था, लेकिन इसके बाद बसपा, सपा और भाजपा ने बारी-बारी से यहां जीत दर्ज की। 1990 के बाद से यहां जातीय समीकरण और स्थानीय नेताओं का काफी असर रहा। 1993, 2002 और 2007 में बसपा, 1996 में सपा, 2012 में कांग्रेस और फिर 2017 व 2022 में भाजपा ने जीत हासिल की। हाल के दोनों चुनावों में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत रही है। 2022 में भाजपा की मनीषा अनुरागी ने सपा की चंद्रवती को करीब 62 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया, उन्हें कुल 53.79% वोट मिले, जबकि सपा को लगभग 30% और बसपा को करीब 9% वोट ही मिले। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसे सिर्फ 2% के आसपास वोट मिले। यह साफ दिखता है कि पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है, जबकि बाकी पार्टियों का जनाधार घटा है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मनीषा अनुरागी भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और इस वक्त उत्तर प्रदेश विधानसभा में राठ (हमीरपुर) सीट से विधायक हैं। उनका जन्म जालौन जिले में हुआ था और उनके पिता पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से वनस्पति विज्ञान में एमएससी किया और फैजाबाद से पीएचडी की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन पति की सलाह पर उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना। 2012 में उन्होंने राठ नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ा, हालांकि जीत नहीं पाईं। बाद में वे भाजपा में शामिल हुईं और 2017 में पहली बार विधायक बनीं। 2022 में भी उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में राठ सीट से बड़ी जीत हासिल की। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करती हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राठ विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के राठ विधानसभा क्षेत्र में कई अहम समस्याएं लोगों के लिए चिंता का कारण बनी रहीं। सबसे बड़ी परेशानी सड़क और बुनियादी ढांचे को लेकर रही। गांवों में जर्जर सड़कों और नई सड़कों के निर्माण में देरी से लोग नाराज़ रहे। लंबे समय से महोबा से राठ होकर भिंड तक रेलवे लाइन बिछाने की मांग उठती रही है और 2024 में स्थानीय विधायक ने रेल मंत्री से मुलाकात कर इस दिशा में पहल की, जिससे लोगों में उम्मीद जगी है। खेती की बात करें तो सिंचाई की सुविधा, जल संकट और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी बेहतर नहीं रही। सरकारी स्कूलों में सुविधाएं और शिक्षक दोनों की कमी रही, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी को लेकर भी लोगों ने कई बार आवाज उठाई। रोजगार की कमी के चलते युवाओं का पलायन बढ़ा और लोगों ने स्वरोजगार व छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की। गर्मियों में पेयजल की भारी किल्लत और रेलवे लाइन के अभाव में आवागमन की कठिनाइयाँ भी इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे बने रहे।