राबर्ट्सगंज विधानसà¤à¤¾ सीट - Sonbhadra
राबर्ट्सगंज |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | भूपेश चौबे |
| जिला | Sonbhadra |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | राबर्ट्सगंज |
राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट
राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट सोनभद्र जिले में स्थित है और राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र खनन, औद्योगिक और कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहाँ विविध आर्थिक गतिविधियाँ और सामाजिक पटल पर विभिन्न जातीय समूह निवास करते हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सोनभद्र
विधानसभा क्रमांक: 401
लोकसभा क्षेत्र: राबर्ट्सगंज (SC)
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,50,000
साक्षरता दर: लगभग 64%
लिंग अनुपात: लगभग 920/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 75%
मुस्लिम: लगभग 23%
अन्य समुदाय: 2%
अनुसूचित जाति: लगभग 33%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,06,112
विजेता: भूपेश चौबे (भाजपा)
वोट 41.0%
उपविजेता: अविनाश कुशवाहा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.8%
राबर्ट्सगंज विधानसभा, सोनभद्र जिले की एक अहम सीट, अपने सामाजिक और जातीय विविधता के साथ-साथ खनन, बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है। इस सीट पर अब तक सत्ता का संतुलन बदलता रहा है। पिछले चार चुनावों में दो बार सपा, एक बार बसपा और एक बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। 2012 में सपा के अविनाश कुमार कुशवाहा विधायक बने, लेकिन 2017 में भाजपा के भूपेश चौबे ने उन्हें बड़े अंतर से हराते हुए सीट अपने नाम कर ली। 2022 के चुनाव में भी मुकाबला मुख्यतः भाजपा और सपा के बीच रहा, जिसमें भूपेश चौबे ने अविनाश कुशवाहा को 5,621 वोटों से हराया। चौबे को 96,000 से ज्यादा वोट मिले, जबकि कुशवाहा को करीब 90,000 वोट मिले। बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में तो थे, लेकिन मुख्य मुकाबले से बाहर रहे। कुल मिलाकर, राबर्ट्सगंज की राजनीति में ब्राह्मण और ओबीसी समुदाय का प्रभाव निर्णायक रहा है और 2022 में भाजपा ने अपनी पकड़ और मजबूत करते हुए यह सीट फिर से बरकरार रखी।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
भूपेश चौबे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और सोनभद्र जिले की राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। उनका जन्म हीराचक, सोनभद्र में हुआ था। वे ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और विवाहित हैं। चौबे ने 2017 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता, जहाँ उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अविनाश कुशवाहा को लगभग 41,000 वोटों से हराया। इसके बाद 2022 के चुनाव में भी उन्होंने जीत दोहराई और 5,621 वोटों के अंतर से फिर से विजयी रहे। अपने राजनीतिक कॅरियर में वे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राबर्ट्सगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में राबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और जनचर्चा मुख्य रूप से विकास, रोजगार और सामाजिक संतुलन के मुद्दों पर टिकी रही है। अधूरी पेयजल योजनाएँ, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं का विस्तार लोगों की प्रमुख मांगें रहीं, खासकर नक्सल प्रभावित इलाकों में। खदानों और बिजली उत्पादन इकाइयों के चलते औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन का सवाल भी लगातार उठा। साथ ही नगर पालिका का दायरा बढ़ाने और ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों जैसे रामायण से जुड़ी जगहों व ऋषि मार्कंडेय की तपोस्थली के संवर्द्धन की मांगें भी सामने आईं। क्षेत्र की राजनीति में ब्राह्मण, दलित, वैश्य, यादव और कुर्मी समुदायों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। इन्हीं मुद्दों के बीच 2022 के चुनाव में भाजपा के भूपेश चौबे ने सपा प्रत्याशी को 5,621 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।