रोहनिया विधानसà¤à¤¾ सीट - Varanasi
रोहनिया |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | डॉo सुनील पटेल |
| जिला | Varanasi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | अपना दल (सोनेलाल) |
| कुल मतदाता | 2,43,826 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | वाराणसी |
रोहनिया विधानसभा
रोहनिया विधानसभा क्षेत्र वाराणसी जिले का एक महत्वपूर्ण विधान क्षेत्र है, जो 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया। यह क्षेत्र वाराणसी कैंट, गंगापुर और चंदौली जिले के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्रों के हिस्सों का एक समायोजन है। रोहनिया का राजनीतिक इतिहास काफी विविध रहा है, जहां अपना दल, भाजपा और सपा की टक्कर देखने को मिली है। इस क्षेत्र का सामाजिक ताना-बाना प्रमुख रूप से पटेल, यादव, दलित और अन्य पिछड़ी जातियों पर आधारित है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: वाराणसी
विधानसभा क्रमांक: 387
लोकसभा क्षेत्र: वाराणसी
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: करीब 4,60,000
साक्षरता दर: लगभग 70 %
लिंग अनुपात: लगभग 786/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 87 %
मुस्लिम: लगभग 11 %
अन्य समुदाय: 2 %
अनुसूचित जाति: करीब 30 हजार
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,43,826
विजेता: डॉ. सुनील पटेल (अपना दल सोनेलाल)
वोट शेयर: 48.7%
उपविजेता: अभय पटेल (अपना दल कमेरावादी)
मतदान %: 60.4%
पिछले पाँच वर्षों (2020-2025) में रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य सबसे बड़ा मुद्दा रहा। विधायक डॉ. सुनील पटेल ने सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 37 से अधिक परियोजनाओं की शुरुआत की। वाराणसी की पंचायतों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई, वहीं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास पर भी खास ध्यान दिया गया। इस दौरान रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जनता की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के सहयोग से क्षेत्र में कई योजनाओं को तेजी मिली, जिससे लोगों में विकास को लेकर विश्वास बढ़ा। प्रशासन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण काम के निर्देश दिए गए और कुल मिलाकर पिछले पाँच सालों में रोहनिया में बुनियादी ढाँचे, रोजगार और धार्मिक महत्व के काम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. सुनील पटेल, अपना दल (सोनेलाल) से रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक हैं। उनका जन्म 15 जनवरी 1980 को हुआ और वे 18वीं विधानसभा के सदस्य हैं। डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले सुनील पटेल व्यवसाय से भी जुड़े रहे हैं। खास बात यह है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने रोहनिया क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है और लगातार जनता के बीच संपर्क बनाए रखा है।
रोहनिया विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों (2020-2025) में रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य सबसे बड़ा मुद्दा रहा। विधायक डॉ. सुनील पटेल ने सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 37 से अधिक परियोजनाओं की शुरुआत की। वाराणसी की पंचायतों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई, वहीं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास पर भी खास ध्यान दिया गया। इस दौरान रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जनता की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के सहयोग से क्षेत्र में कई योजनाओं को तेजी मिली, जिससे लोगों में विकास को लेकर विश्वास बढ़ा। प्रशासन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण काम के निर्देश दिए गए और कुल मिलाकर पिछले पाँच सालों में रोहनिया में बुनियादी ढाँचे, रोजगार और धार्मिक महत्व के काम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।