रुदौली विधानसभा सीट - Faizabad

रुदौली

वर्तमान विधायक
रामचन्द्र यादव
जिला
Faizabad
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
फैज़ाबाद
रुदौली विधानसभा सीट: चुनावी प्रोफ़ाइल
रुदौली, उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 271 है, जो फैज़ाबाद (अब अयोध्या) ज़िले में स्थित है। यह फैज़ाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पाँच विधानसभा सीटों में से एक है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जिसमें रुदौली नगर और 243 गाँव शामिल हैं। यह सीट सामान्य श्रेणी (अनारक्षित) में आती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राम चंद्र यादव ने भारी मतों से जीत हासिल की थी।
जनसंख्या
विधानसभा संख्या: 271
जिला:  फैज़ाबाद (अयोध्या)
लोकसभा क्षेत्र: फैज़ाबाद
आरक्षण स्थिति : सामान्य
कुल जनसंख्या (2011, रुदौली तहसील): 4,64,250
लिंगानुपात: प्रति 1,000 पुरुषों पर 949 महिलाएं
साक्षरता दर: 56.1%
धार्मिक एवं सामाजिक संरचना
हिंदू: 72.1%
मुस्लिम: 27.6%
ईसाई : 0.18%
सिख: 0.01%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
विजेता: रामचंद्र यादव (भाजपा)
वोट शेयर: 43.3%
उपविजेता: आनंद सेन (सपा)
रुदौली विधानसभा (अयोध्या जिला) का राजनीतिक इतिहास बहुपक्षीय और बेहद प्रतिस्पर्धी रहा है, जहां भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस सभी पार्टियों का प्रभाव रहा है। 2012 से पहले यह सीट मुख्यतः सपा और बसपा के बीच बदलती रही, लेकिन 2012 के बाद से भाजपा ने यहां लगातार अपनी पकड़ मजबूत की है। भाजपा के रामचंद्र यादव ने 2012, 2017 और 2022—तीनों चुनावों में जीत हासिल की है और हर बार जीत का अंतर बढ़ता गया है। 2022 में उन्होंने सपा के आनंद सेन को 40,616 वोटों के भारी अंतर से हराया, जबकि खुद 94,031 (42.95%) वोट प्राप्त किए। वहीं, सपा को 24.40% और बसपा के अब्बास अली जैदी को 23.84% वोट मिले। रुदौली में सपा और बसपा के पारंपरिक मुस्लिम, दलित और पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक के बावजूद भाजपा ने ओबीसी, सवर्णों और कुछ हद तक दलितों में भी प्रभाव स्थापित किया है। 2012 में भाजपा ने मात्र 941 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, जो 2017 और फिर 2022 में बड़े अंतर में बदल गया। हालांकि, 2022 में यहां मतदान प्रतिशत केवल 42.95% रहा, जो औसत से कम है, लेकिन भाजपा के लिए यह फिर भी निर्णायक सिद्ध हुआ।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
रामचंद्र यादव, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा सीट से तीन बार लगातार विधायक (2012, 2017, 2022) हैं। वे क्षेत्र में संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक कार्यों और जनसंपर्क के लिए पहचाने जाते हैं तथा स्वास्थ्य शिविरों, सामुदायिक आयोजनों और विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। यादव, ओबीसी, ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित मतदाताओं के बीच उनका अच्छा जनाधार है। आपराधिक रिकॉर्ड की बात करें तो करीब 12 वर्ष पूर्व दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान उपद्रव, आगजनी और जानलेवा हमले से जुड़े एक पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ आदेश जारी किया था, लेकिन 2024 में हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए उस आदेश पर स्थगन लगा दिया। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज थे।
रुदौली विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में रुदौली विधानसभा क्षेत्र में कई जमीनी मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं, जिनमें सड़क, जलनिकासी और बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति सबसे बड़ा सवाल बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों, जलभराव और नालियों की सफाई को लेकर जनता ने बार-बार आवाज उठाई। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी भी एक बड़ी चिंता रही—सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपलब्धता और दवाओं की कमी ने लोगों को प्रभावित किया, हालांकि विधायक रामचंद्र यादव ने व्यक्तिगत स्तर पर मरीजों की मदद और अस्पतालों में सक्रियता को प्राथमिकता दी। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में शिक्षक की कमी, शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट और उच्च शिक्षा संस्थानों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं लगातार बनी रहीं, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास की मांग भी बढ़ी। क्षेत्र में मुस्लिम आबादी की उल्लेखनीय उपस्थिति के कारण सांप्रदायिक सौहार्द, धार्मिक आयोजनों और राजनीतिक ध्रुवीकरण ने भी माहौल को प्रभावित किया। किसानों के लिए सिंचाई, बिजली, खाद-बीज की उपलब्धता, आवारा पशुओं से फसल को होने वाला नुकसान और सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की मांग भी लगातार उठती रही।

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