सुल्तानपुर सदर विधानसभा सीट - Sultanpur

सुल्तानपुर सदर

वर्तमान विधायक
श्री राज प्रसाद उपाध्याय
जिला
Sultanpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
सुल्तानपुर
सदर विधानसभा सीट (सुल्तानपुर)
सदर विधानसभा, जिले का प्रमुख नगरीय एवं प्रशासनिक केंद्र है। यह क्षेत्र न्यायिक, शैक्षिक और औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण है। गोमती नदी के तट पर स्थित तथा ऐतिहासिक स्थलों से समृद्ध यह सीट जिले की पहचान है। स्थानीय व्यापार, शिक्षा, अस्पताल और शासन का केंद्र होने के कारण यह क्षेत्र सुलतानपुर जनपद का केंद्रबिंदु माना जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सुलतानपुर
विधानसभा क्रमांक: 188
लोकसभा क्षेत्र: सुलतानपुर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,45,000
साक्षरता दर: लगभग 69%
लिंग अनुपात: 930/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 73%
मुस्लिम: लगभग 24%
अन्य समुदाय: 3%
अनुसूचित जाति: लगभग 21%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,02,057
विजेता: राज प्रसाद उपाध्याय (भाजपा)
वोट शेयर: 42.2%
उपविजेता: अनूप संडा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 58.9%
सुलतानपुर की सदर विधानसभा, जिसे पहले जयसिंहपुर के नाम से जाना जाता था और 2009 के परिसीमन के बाद इसका नाम बदला गया, लंबे समय से राजनीतिक उठापटक का केंद्र रही है। 1952 से 1977 तक कांग्रेस का दबदबा रहा, इसके बाद कभी जनता पार्टी, कभी भाजपा, सपा और बसपा ने बारी-बारी से जीत दर्ज की। 2012 में सपा की वापसी हुई, जबकि 2017 और 2022 दोनों चुनावों में भाजपा ने जीत हासिल की। खास बात यह है कि यहां जीतने वाली पार्टी को अक्सर प्रदेश की सत्ता में मजबूत दावेदार माना जाता है। जातीय विविधता और प्रशासनिक महत्व के चलते यह सीट हमेशा से सुर्खियों में रही है। 2022 के चुनाव में भाजपा के विनोद सिंह ने समाजवादी पार्टी के अनूप संडा को बेहद कांटे की टक्कर में मात दी, जहां कुल करीब 3.39 लाख मतदाताओं में से सिर्फ 1,009 वोटों के अंतर से नतीजा तय हुआ। भाजपा को 92,715 यानी 42% वोट मिले, जबकि सपा को 91,706 यानी 41% वोट हासिल हुए। इस बार भी साफ दिखा कि सदर विधानसभा में चुनावी रुझान सामाजिक न्याय, विकास और जातीय समीकरणों के आधार पर लगातार बदलते रहते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राज प्रसाद उपाध्याय, जिन्हें लोग राज बाबू के नाम से भी जानते हैं, सुलतानपुर जिले की सदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। उनका जन्म 20 जनवरी 1959 को ईश नारायण उपाध्याय के परिवार में हुआ और उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। 2022 में चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। हालांकि, उनके खिलाफ एक विवादास्पद आरोप सामने आया है कि उन्होंने सड़क चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण परियोजना से जुड़े ठेकेदार से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले की शिकायत ठेकेदार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई है।
सदर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में सुलतानपुर की सदर विधानसभा में सड़कों और यातायात व्यवस्था से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास तक कई मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। शहर के प्रमुख मार्गों की मरम्मत, नई सड़कों का निर्माण और ट्रैफिक जाम की समस्या लोगों की बड़ी मांग रही, वहीं अंदरूनी क्षेत्रों में जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी आवाज़ उठी। स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देने, चीनी मिल को फिर से शुरू करने और छोटे व्यापारियों के लिए योजनाओं के साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार व प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता महसूस की गई। शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार, उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों व संसाधनों की कमी प्रमुख चिंता बनी रही। पेयजल आपूर्ति की अनियमितता और गुणवत्ता को लेकर कई मोहल्लों में लोग परेशान दिखे, तो महिला सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे और सामाजिक सौहार्द्र जैसे विषय भी राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में अहम रहे। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग बार-बार उठी। कुल मिलाकर, यही वे मुद्दे रहे जिन्होंने बीते पाँच सालों में सदर विधानसभा की राजनीति और जनजीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

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