सहसवान विधानसभा सीट - Budaun

सहसवान

वर्तमान विधायक
श्री ब्रजेश यादव
जिला
Budaun
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
2,48,973
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बदायूं
सहसवान विधानसभा सीट
सहसवान विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बदायूं जिले का एक हिस्सा है और बदायूं लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1957 में हुआ था, जब 1956 में 'डीपीएसीओ (1956)' (परिसीमन आदेश) पारित किया गया था। 2008 में 'संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन आदेश' पारित होने के बाद, निर्वाचन क्षेत्र को पहचान संख्या 113 दी गई।
जनसंख्या विवरण (जनगणना 2011)
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 113
जनपद: बदायूं
लोकसभा क्षेत्र: बदायूं
आरक्षण स्थिति: अनारक्षित (सामान्य)
जनसंख्या (2011): 2,11,087
लिंग अनुपात: 92/1000
साक्षरता दर: 39.61%
धार्मिक और साम्प्रदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
मुस्लिम: 68.50%
हिन्दू: 30.98%
ईसाई: 0.44%
सिख: 0.01%
बौद्ध: 0.02%
जातीय एवं सामाजिक संरचना
मुस्लिम समुदाय:
हिन्दू समुदाय:
अनुसूचित जाति: 4.58%
अनुसूचित जनजाति: 0.01%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,48,973
विजेता: बृजेश यादव (सपा)
वोट शेयर: 33.6%
उपविजेता: हाजी विट्टन मुसर्रतो (बसपा)
मतदान प्रतिशत: 58.9%
सहसवान विधानसभा सीट का गठन 1956 के परिसीमन आदेश के बाद हुआ था और यहां पहला चुनाव 1957 में कराया गया। यह सीट लंबे समय से समाजवादी पार्टी (सपा) का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है। 1993 से लेकर 2022 तक, केवल 2007 को छोड़कर, सपा ने लगातार जीत दर्ज की है। 1996 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी यहां से विधायक रह चुके हैं। 2007 में राष्ट्रीय परिवर्तन दल से डीपी यादव ने जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा अभी तक इस सीट पर कभी विजयी नहीं हो सकी है। हालिया चुनावों में भी सपा का दबदबा कायम रहा है— 2022 में बृजेश यादव ने बसपा के हाजी विट्टन मुसर्रतो को हराया, जबकि भाजपा के डी.के. भारद्वाज तीसरे स्थान पर रहे। सपा को 33.35% वोट शेयर मिला, जबकि बसपा और भाजपा को क्रमशः 27.79% और 26.55%। 2017 और 2012 में भी सपा के ओंकार कुमार वर्मा ने क्रमशः 4,269 और 7,027 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। यादव, मुस्लिम और दलित मतदाताओं के समर्थन से सपा को निरंतर बढ़त मिलती रही है, जबकि बसपा अक्सर दूसरे स्थान पर रहती है और भाजपा का प्रदर्शन अब तक सीमित ही रहा है। चुनावी मुकाबला सामान्यतः सपा और बसपा के बीच सीधी टक्कर का होता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बृजेश यादव, जो मूलतः बदायूं, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, पेशे से कृषक हैं और 12वीं तक शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। वे 2022 में पहली बार सहसवान विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। इससे पहले वे दो बार जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उनके पिता ओमकार सिंह यादव सपा के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं, जो पांच बार विधायक और एक बार मंत्री भी रह चुके हैं। सहसवान क्षेत्र में 1991 से यादव परिवार का प्रभावी वर्चस्व रहा है और यादव-मुस्लिम गठजोड़ की वजह से सपा का मजबूत जनाधार बना हुआ है। बृजेश यादव के खिलाफ एक आपराधिक मामला भी दर्ज है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 507 (गुमनाम धमकी) और 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) के तहत आरोप लगे हैं। यह मामला 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा है, जब एक चुनावी सभा में दिए गए कथित भड़काऊ बयान का वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस जांच के बाद इस मामले में उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सहसवान विधानसभा : पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
सहसवान क्षेत्र में विकास से जुड़े बुनियादी मुद्दे लंबे समय से चुनावी बहस का केंद्र रहे हैं। क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हैं और अनेक ग्रामीण इलाकों में अब तक पक्की सड़कों की पहुँच नहीं है। बिजली आपूर्ति अनियमित है और गर्मियों में पेयजल संकट आम बात है, जिससे जनता में असंतोष व्याप्त रहता है। कृषि-प्रधान इस क्षेत्र में गन्ना, गेहूं और धान के किसानों को समय पर भुगतान, सिंचाई, उर्वरक उपलब्धता और फसल बीमा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी कमजोर है सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में संसाधनों की कमी, शिक्षकों व डॉक्टरों की अनुपलब्धता, और ग्रामीण इलाकों में सीमित पहुंच प्रमुख चिंताएं हैं। बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा है, जहां युवा सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता, स्वरोजगार और कौशल विकास की मांग करते हैं। सामाजिक रूप से, यादव, मुस्लिम और दलित समुदायों की मजबूत मौजूदगी है, जिससे सामाजिक न्याय, आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे प्रभावी रहते हैं। वहीं, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द भी महत्वपूर्ण विषय बने रहे हैं हालांकि कुल मिलाकर सहसवान का वातावरण आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा है।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़