साहिबाबाद विधानसà¤à¤¾ सीट - Ghaziabad
साहिबाबाद |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | सुनील कुमार शर्मा |
| जिला | Ghaziabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | 4,78,741 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | गाजियाबाद |
साहिबाबाद विधानसभा सीट
साहिबाबाद उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और शहरी विधानसभा सीटों में से एक है, जो गाजियाबाद जिले में स्थित है। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई (सीट संख्या 55) और यह गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र का अहम हिस्सा है। इसमें इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी जैसे प्रमुख शहरी इलाके, साथ ही औद्योगिक और अर्ध-शहरी क्षेत्र जैसे अर्थला और मकनपुर शामिल हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गाजियाबाद
विधानसभा क्रमांक: 55
साहिबाबाद क्षेत्र जनसंख्या: सटीक आंकड़े मौजूद नहीं
कुल जनसंख्या (जिला): 4,681,645
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
ब्राह्मण: 2.5 लाख
पहाड़ी: 1.5 लाख
मुस्लिम: 1.5 लाख
वैश्य: 1 लाख
एससी: 1 लाख
ठाकुर: 75 हजार
त्यागी: 50 हजार
जाट: 50 हजार
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 4,78,741
विजेता: सुनील कुमार शर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 67.4%
उपविजेता: अमरपाल शर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 47.0%
साहिबाबाद विधानसभा सीट 2008 में बनी थी और तब से यहां का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। 2012 में पहले चुनाव में बसपा के अमरपाल शर्मा ने जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बाद भाजपा ने मजबूत पकड़ बना ली। 2017 में भाजपा के सुनील शर्मा ने कांग्रेस की टिकट पर लड़ रहे अमरपाल शर्मा को भारी अंतर से हराया और 2022 में एक बार फिर सुनील शर्मा ने समाजवादी पार्टी के अमरपाल शर्मा को रिकॉर्ड 2 लाख से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी। इन दो लगातार भारी जीतों ने भाजपा को यहां की सबसे मजबूत पार्टी बना दिया है। साहिबाबाद की आबादी में शहरी और औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम जैसे समृद्ध इलाके और खोड़ा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं। यहां मुस्लिम, दलित, ब्राह्मण, त्यागी, वैश्य, ठाकुर, यादव, पूर्वांचली और गढ़वाली जैसे कई सामाजिक वर्ग मौजूद हैं, लेकिन भाजपा ने सभी वर्गों में अच्छी पकड़ बना रखी है। 2022 के चुनाव में भाजपा को 67% वोट मिले, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा और वे काफी पीछे रह गए।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सुनील कुमार शर्मा गाजियाबाद के पटला गांव के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं। उन्होंने एम.एम.एच. कॉलेज से एम.ए. और एलएलबी की पढ़ाई की है। उनका राजनीतिक सफर 2007 में गाजियाबाद सदर से विधायक बनने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद वे साहिबाबाद से 2017, 2022 और 2024 में लगातार तीन बार भाजपा विधायक बने। 2022 के चुनाव में उन्होंने 2.14 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की, जो इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। वे भाजपा की उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं और 2024 में योगी सरकार में मंत्री भी बने। उन्हें उनकी साफ छवि, जमीनी जुड़ाव और बेबाक बोलने की शैली के लिए जाना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
साहिबाबाद विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में कई बुनियादी समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रहीं। भले ही कुछ इलाकों में सड़कें, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में थोड़ा सुधार हुआ हो, लेकिन अधिकतर जगहों पर सड़कें टूटी रहीं और बारिश में जलभराव व गंदे पानी की समस्या बनी रही। इंदिरापुरम का हैंडओवर सालों से अटका है और लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी नहीं बढ़ पाई, जिससे लोगों को रोज़मर्रा की आवाजाही में दिक्कत आई। कूड़ा निस्तारण की भी गंभीर समस्या रही, जहां वसुंधरा और इंदिरापुरम जैसे रिहायशी इलाकों में कचरा खुले में फेंका जाता रहा। सरकारी अस्पताल और डिग्री कॉलेज जैसे बड़े वादे अधूरे रह गए, जिससे गरीब जनता को इलाज और शिक्षा के लिए बाहर निर्भर रहना पड़ा। पानी की सप्लाई, खासकर गंगाजल, कई इलाकों में अब भी पूरी नहीं हो पाई और लोग बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। अवैध निर्माण तेजी से बढ़ा, लेकिन प्रशासन इसे रोक नहीं पाया। साथ ही, मेट्रो कनेक्टिविटी और फ्लाईओवर जैसे विकास कार्यों का काम भी अधर में लटका रहा। जनता का कहना है कि कुछ सुधार तो हुए हैं, लेकिन अस्पताल, कॉलेज और साफ-सफाई जैसी ज़रूरी सुविधाएं अब भी अधूरी हैं।