सैदपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Ghazipur
सैदपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री अंकित भारती |
| जिला | Ghazipur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | गाज़ीपुर |
सैदपुर विधानसभा सीट
सैदपुर उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 374 है, जो गाज़ीपुर ज़िले में स्थित है। यह सैदपुर शहर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करती है और गाज़ीपुर लोकसभा क्षेत्र की पाँच विधानसभा सीटों में से एक है। 2008 से यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
ज़िला: गाज़ीपुर
विधानसभा संख्या: 374
आरक्षण: SC आरक्षित
कुल जनसंख्या: 3,620,268
साक्षरता दर (2011): 70.31%
लिंगानुपात: 994/1,000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 80-85%
मुस्लिम: 10-15%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 24.2%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,34,738
विजेता: अंकित भारती (सपा)
वोट शेयर: 46.7%
उपविजेता: सुभाष पासी (बीजेपी)
मतदान प्रतिशत: 58.1%
सैदपुर विधानसभा, जो गाजीपुर जिले की एक प्रमुख अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट है, पिछले कुछ वर्षों में समाजवादी पार्टी (सपा) का मजबूत गढ़ बन चुकी है। पहले 1996 तक यहां भाजपा का असर था, जब डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने जीत हासिल की थी। लेकिन 2008 में सीट आरक्षित होने के बाद दलित और यादव वोटों की अहमियत बढ़ गई। इसके बाद 2012 और 2017 में सपा के सुभाष पासी ने लगातार जीत दर्ज की। बसपा ने भी लंबे समय तक मजबूत पकड़ बनाए रखी, जबकि भाजपा को 1996 के बाद से यहां कोई सफलता नहीं मिली, भले ही उसके बड़े नेता इसी इलाके से हों। 2022 में भी सपा ने अपनी पकड़ बनाए रखी और अंकित भारती ने भाजपा के सुभाष पासी को बड़े अंतर से हराया। यहां का चुनाव जातीय समीकरणों पर काफी निर्भर करता है, खासकर दलित, यादव, मुस्लिम और राजभर वोटों पर। कुल मिलाकर, सैदपुर में सपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है, जबकि भाजपा और बसपा को चुनौती देने में लगातार मुश्किलें आई हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अंकित भारती समाजवादी पार्टी के युवा और उभरते हुए नेता हैं, जो 2022 में पहली बार सैदपुर (एससी आरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। उनका जन्म 26 जून 1996 को गाजियाबाद में हुआ था और उन्होंने हिमाचल प्रदेश की IEC यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई की है। बेहद कम उम्र में राजनीति में आने वाले अंकित प्रदेश के सबसे युवा विधायकों में से एक हैं और खासतौर पर युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के सुभाष पासी को बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की। 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें एक पढ़े-लिखे, साफ छवि वाले नेता के रूप में जाना जाता है।
सैदपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों में सैदपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों को कई अहम समस्याओं का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी शिकायत बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर रही, चाहे वो सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य या शिक्षा हो। लोगों का मानना है कि क्षेत्र का सही मायनों में विकास नहीं हो पाया है, जिससे गांव और शहर दोनों जगह नाराज़गी है। जातीय समीकरण भी राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। दलित, यादव, मुस्लिम, कुशवाहा, बिंद, चौहान, राजभर और ब्राह्मण जैसे बड़े सामाजिक वर्गों की मौजूदगी के कारण पार्टियां अक्सर जाति आधारित रणनीति अपनाती हैं, जिससे असली विकास के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। बेरोजगारी और शिक्षा की स्थिति भी चिंता का विषय रही, खासकर युवाओं के लिए रोजगार की कमी और सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत ने लोगों को निराश किया। किसानों की बात करें तो सिंचाई, खाद-बीज, फसल की कीमत और योजनाओं का लाभ समय से न मिलना एक बड़ी दिक्कत बनी रही। राजनीतिक लिहाज़ से भी लोगों में बदलाव की मांग दिखी 2012 और 2017 में सपा का दबदबा तो रहा, लेकिन भाजपा को अब तक इस सीट पर खास सफलता नहीं मिली, जिससे कुछ हद तक मतदाताओं में निराशा और बदलाव की उम्मीद बनी रही।