संडीला विधानसभा सीट - Hardoi

संडीला

वर्तमान विधायक
श्रीमती अलका सिंह 'अर्कवंशी'
जिला
Hardoi
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मिश्रिख
संडीला विधानसभा सीट
संडीला विधानसभा सीट (क्रमांक 161) उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित है और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र को कवर करती है और 2008 के परिसीमन के बाद से अस्तित्व में है। संडीला नगर पालिका और आसपास के गांव इस क्षेत्र में आते हैं।
जनसंख्या और जनगणना 2011
जिला: हरदोई
विधानसभा क्रमांक: 161
लोकसभा क्षेत्र: मिश्रिख
अनुमानित आबादी: 3.9 लाख
आरक्षण: सामान्य
साक्षरता दर: 64.57%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 75-80%
मुस्लिम: 20-25%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति:  26.63%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता:  2,02,589
विजेता: अल्का सिंह अर्कवंशी (भाजपा)
वोट शेयर: 50.2%
उपविजेता: अब्दुल मन्नान (बसपा)
मतदान प्रतिशत: 59.7%
संडीला विधानसभा सीट का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। यहां 1957 में पहला चुनाव हुआ था और तब से कांग्रेस, जनसंघ, पीएसपी, जनता दल, भाजपा, बसपा और सपा जैसी कई पार्टियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 1969 में पहली बार कांग्रेस की कूदिस बेगम ने जीत हासिल की, इसके बाद जनसंघ, निर्दलीय और कांग्रेस के बीच मुकाबले होते रहे। 1996 से 2007 तक बसपा के अब्दुल मन्नान ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की। 2012 में सपा के महावीर सिंह विजयी रहे, लेकिन 2017 में भाजपा ने पहली बार राजकुमार अग्रवाल के रूप में जीत दर्ज की और 2022 में अलका सिंह अर्कवंशी ने भाजपा की पकड़ मजबूत कर दी। हाल के चुनावों में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही है। 2022 के चुनाव में अलका सिंह अर्कवंशी ने BSP के अब्दुल मन्नान को 37,103 वोटों से हराया। जातीय समीकरणों में दलित, ओबीसी, मुस्लिम और सवर्ण समुदायों की अहम भूमिका रही है, जो हर चुनाव में परिणामों को प्रभावित करते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अल्का सिंह अर्कवंशी भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और 2022 में पहली बार संडीला (हरदोई) सीट से विधायक चुनी गईं। वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला एवं बाल विकास समिति की सदस्य भी हैं। लगभग 42 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और क्षेत्र के विकास, महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज के वंचित वर्गों के लिए काम करना उनका प्रमुख उद्देश्य रहा है। 2022 चुनावी दस्तावेजों के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
संडीला विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में संडीला विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे चर्चा में रहे हैं। सबसे पहले, यहां हथियार निर्माण उद्योग की शुरुआत, खासकर एक ब्रिटिश कंपनी द्वारा पिस्टल और रिवॉल्वर बनाने की योजना, ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद जगाई है और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति दी है। इसके साथ ही, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी लगातार उठती रही है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग इन सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर जागरूक हैं। चुनावों में करीब 55 से 60 प्रतिशत मतदान हुआ है, जिससे लोगों की राजनीतिक सक्रियता का पता चलता है। विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे चुनावों में प्रमुख रहे हैं। संडीला में अलग-अलग जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं, इसलिए सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी एक अहम पहलू रहा है। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता लगातार महसूस की गई है, खासकर सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं की माँग के रूप में।

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