सरधना विधानसभा से विधायक अतुल प्रधान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

सरधना विधानसभा से विधायक अतुल प्रधान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

सरधना विधानसभा
अतुल प्रधान समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और मेरठ जिले की सरधना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। छात्र राजनीति से उभरकर आए अतुल प्रधान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समुदाय के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। 2022 में उन्होंने भाजपा के दो बार के विधायक संगीत सोम को हराकर प्रदेश की सबसे चर्चित चुनावी जीतों में से एक दर्ज की। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ 38 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • जन्म: 1983, मेरठ।
  • शिक्षा: स्नातक, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय।
  • समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
  • गुर्जर समुदाय के प्रभावशाली युवा नेताओं में शामिल हैं।
  • जमीनी और आंदोलनकारी राजनीति के लिए जाने जाते हैं।
राजनीतिक सफर
  • छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
  • 2012 में पहली बार सरधना से विधानसभा चुनाव लड़ा।
  • समाजवादी पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
  • 2022 में भाजपा के संगीत सोम को हराकर विधायक बने।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हुए।
  • अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • किसानों, युवाओं और मजदूरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
  • गन्ना भुगतान, एमएसपी, बिजली बिल और बेरोजगारी जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
  • धरना, प्रदर्शन और जनआंदोलनों के माध्यम से जनता की आवाज उठाई।
  • सड़क, अस्पताल, स्कूल और सिंचाई सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाया।
  • शहीद परिवारों और पीड़ितों से मिलकर सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
  • सोशल मीडिया और जनसंवाद के माध्यम से लगातार जनता से जुड़े रहे।
सरधना के प्रमुख नेता
  • अतुल प्रधान वर्तमान विधायक और समाजवादी पार्टी के प्रमुख युवा नेताओं में शामिल हैं।
  • संगीत सोम भाजपा के वरिष्ठ नेता और दो बार के पूर्व विधायक रहे हैं।
  • राष्ट्रीय लोकदल के किसान नेता क्षेत्र की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।
  • बसपा के स्थानीय दलित नेतृत्व का भी सरधना की राजनीति में प्रभाव बना हुआ है।