सवाइजपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Hardoi
सवाइजपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री माधवेन्द्र प्रताप सिंह |
| जिला | Hardoi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | हरदोई |
सवाईजपुर विधानसभा सीट
सवाईजपुर विधानसभा सीट, उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है। यह हरदोई जिले में स्थित है और हरदोई लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ और पहला चुनाव 2012 में हुआ। इसका विधानसभा क्रमांक 154 है। सवाईजपुर तहसील के गांव और कस्बे इस क्षेत्र में आते हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: हरदोई
विधानसभा क्रमांक: 154
लोकसभा क्षेत्र: हरदोई
कुल जनसंख्या: लगभग 4.8 लाख
आरक्षण: सामान्य
लिंगानुपात: 846/1000
साक्षरता दर: 67%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 83-85%
मुस्लिम: 14-15%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,46,734
विजेता: माधवेन्द्र प्रताप सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 46.3%
उपविजेता: पदमराग सिंह यादव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.4%
सवाईजपुर विधानसभा सीट 2012 में नए परिसीमन के बाद बनी और तब से यहां किसी एक पार्टी का लंबे समय तक दबदबा नहीं रहा। कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा सभी को यहां जीत का मौका मिल चुका है। हालांकि जातीय तौर पर यहां पिछड़ी जातियों की संख्या ज्यादा है, लेकिन अब तक ब्राह्मण और क्षत्रिय उम्मीदवारों ने ज्यादा बार जीत दर्ज की है। 2012 में बसपा की रजनी तिवारी जीतीं, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा के माधवेंद्र प्रताप रानू ने लगातार जीत हासिल की। खास बात यह रही कि भाजपा ने लगातार दो चुनावों में पिछड़े और सवर्ण दोनों वर्गों में अच्छी पकड़ बना ली। 2022 के चुनाव में भाजपा के माधवेंद्र प्रताप रानू को करीब 46% वोट मिले और उन्होंने सपा के पद्मराज सिंह पम्मू को लगभग 25,000 वोटों के अंतर से हराया। सपा मुख्य मुकाबले में रही, जबकि बसपा और कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस तरह सवाईजपुर में हाल के चुनावों में भाजपा की स्थिति मजबूत होती दिखी है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
माधवेन्द्र प्रताप सिंह (रानू) भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा में सवाईजपुर (हरदोई) सीट से विधायक हैं। वे 2017 और 2022 के चुनावों में भाजपा के टिकट पर लगातार जीत चुके हैं। इलाके में उनका राजनीतिक प्रभाव बढ़ा है और उन्हें पार्टी का सक्रिय और चर्चित चेहरा माना जाता है। वे न सिर्फ स्थानीय विकास के मुद्दों पर काम करते हैं, बल्कि संगठन को मजबूत करने और पार्टी के अभियानों में भी अहम भूमिका निभाते हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सवाईजपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों में सवाईजपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों को कई बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ा। गांवों में जर्जर सड़कों और नई सड़कों के निर्माण में देरी से आवागमन में परेशानी हुई, वहीं पुल, नाली और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता को लेकर भी लोगों ने शिकायतें कीं। गर्मियों में पानी की भारी किल्लत रही। हैंडपंप और नल ठीक से काम नहीं करते थे और जलापूर्ति योजनाएं अधूरी पड़ी रहीं। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला, जिससे उनकी फसलें खराब हुईं। प्राकृतिक आपदाओं के बाद मुआवजा मिलने में देरी और गड़बड़ी ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। खाद, बीज और कीटनाशकों की कमी और फसलों के सही दाम न मिलना भी बड़ी समस्याएं रहीं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी कमजोर रहीं। स्कूलों में शिक्षक नहीं थे, इमारतें जर्जर थीं और अस्पतालों में डॉक्टर और दवाएं नदारद थीं। बेरोजगारी की वजह से युवा पलायन कर रहे हैं और स्वरोजगार योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं हो पाईं। कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठे, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर। साथ ही, कई सरकारी योजनाओं का फायदा जरूरतमंदों तक सही से नहीं पहुंच पाया, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।