सेवापुरी विधानसà¤à¤¾ सीट - Varanasi
सेवापुरी |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री नील रतन सिंह |
| जिला | Varanasi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | वाराणसी |
सेवापुरी विधानसभा सीट
सेवापुरी विधानसभा वाराणसी जिले की एक ग्रामीण और कृषि प्रधान सीट है, जहां कृषि कार्य, बुनकारी और सामाजिक संतुलन इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद रहते हुए जयापुर और बरियारपुर गांव को गोद लेने से इस क्षेत्र का राष्ट्रीय स्तर पर भी नाम हुआ है। सेवापुरी में पटेल और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र की विशेषता है कि यहां के विकास कार्यों और मॉडल ब्लॉक की अवधारणा ने इसे अन्य विधानसभा क्षेत्रों से अलग पहचान दी है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: वाराणसी
विधानसभा क्रमांक: 391
लोकसभा क्षेत्र: वाराणसी
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3.2 लाख
साक्षरता दर: लगभग 70%
लिंग अनुपात: लगभग 826/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: करीब 86-88%
मुस्लिम: लगभग 11-12%
अन्य समुदाय: 1-2%
अनुसूचित जाति: लगभग 10%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,19,323
विजेता: नीलरतन सिंह पटेल (भाजपा–अपना दल (एस))
वोट शेयर: 48.0%
उपविजेता: सुरेंद्र सिंह पटेल (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.9%
सेवापुरी विधानसभा सीट वाराणसी जिले में 2012 के नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। पहले यह क्षेत्र गंगापुर विधानसभा के नाम से जाना जाता था। यह क्षेत्र अधिकतर ग्रामीण और कृषि प्रधान है, जहां पटेल, भूमिहार, ब्राह्मण, यादव जैसी जातियों का विशेष प्रभाव रहता है। लंबे समय तक यहां समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों का दबदबा रहा, लेकिन 2017 में भाजपा गठबंधन सहयोगी अपना दल (एस) ने यह सीट जीती। नील रतन पटेल ने पहली बार यहां से चुनाव जीतकर भाजपा गठबंधन को सफलता दिलाई। 2012 में समाजवादी पार्टी के सुरेंद्र सिंह पटेल विजेता रहे थे, जिन्होंने नील रतन पटेल को हराया था, लेकिन 2017 और 2022 में नील रतन पटेल ने लगातार जीत दर्ज की। खास बात यह है कि पिछले दोनों चुनावों में जिस पार्टी या गठबंधन ने यहां जीत हासिल की, उसी ने उत्तर प्रदेश में सरकार भी बनाई। 2022 के चुनाव में कुल 3,17,337 मतदाताओं में से करीब 47.60% मतदान हुआ, जिसमें नीलरतन सिंह पटेल ने लगभग 47.60% वोट शेयर के साथ जीत हासिल की और सपा के सुरेंद्र सिंह पटेल करीब 37.41% वोट शेयर पर रहे। सेवापुरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला मॉडल ब्लॉक है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष ध्यान देकर विकास कार्यों की प्राथमिकता दी। क्षेत्र का चुनावी समीकरण जातीय होता है, खासकर पटेल और पिछड़ा वर्ग का प्रभाव निर्णायक माना जाता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
नीलरतन सिंह पटेल, जिन्हें नीलू के नाम से भी जाना जाता है, वाराणसी के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था और वे कुर्मी समुदाय से आते हैं। 1989 से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहने वाले नीलू पटेल अपना दल (सोनेलाल) के प्रमुख कार्यकर्ताओं में से एक हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के सुरेंद्र सिंह पटेल को पराजित कर विधायक पद पर कब्जा जमाया। 2022 में भाजपा ने गठबंधन के तहत उन्हें सीधे टिकट दिया। नीलरतन सिंह पटेल अपने क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षिक विकास में भी बेहद सक्रिय हैं। उनकी शिक्षा इंटरमीडिएट तक है और वे विवाहित हैं, पत्नी का नाम वंदना सिंह है। उनका आवास और कार्यालय वाराणसी के खजूरी में स्थित है। 2000 में वे जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले की सूचना है।
सेवापुरी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। नीति आयोग ने इसे देश का मॉडल ब्लॉक चुनकर आधारभूत सुविधाओं के सुधार पर खास ध्यान दिया, जिसमें बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र प्रमुख रहे। ग्राम पंचायतों में जल आपूर्ति का बेहतर नेटवर्क, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा निस्तारण प्लांट और छोटे बाजारों के विकास के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की पहल भी की गई। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट क्लास, फर्नीचर और टेली-एजुकेशन जैसी सुविधाओं से आधुनिक बनाया गया ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। स्वास्थ्य और पेयजल की समस्याओं को दूर करने के लिए शुद्ध पानी की पाइपलाइन बिछाई गई और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया गया। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और सब्जी उत्पादन को भी बढ़ावा दिया गया। ‘लाखपति दीदी’ अभियान के तहत महिलाओं के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया। साथ ही ग्रामीण सड़कों का निर्माण व चौड़ीकरण, इंटरलॉकिंग कार्य और बाजारों में यातायात व्यवस्था में सुधार भी हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार जनसभाओं में सेवापुरी की प्रगति और किसानों के मुद्दों को भी सीधे राष्ट्रीय मंच पर उठाया। इन सभी प्रयासों ने सेवापुरी को एक मिसाल बना दिया, जहां ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण की दिशा में ठोस काम हुआ।