सेवता विधानसà¤à¤¾ सीट - Sitapur
सेवता |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री ज्ञान तिवारी |
| जिला | Sitapur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | सीतापुर |
सेवता विधानसभा सीट
सेवता उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की एक विधानसभा सीट है, जिसका गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ। यह क्षेत्र मुख्यत: कृषि पर आधारित है और सीतापुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों समाज शामिल हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सीतापुर
विधानसभा क्रमांक: 150
लोकसभा क्षेत्र: सीतापुर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,05,000
साक्षरता दर: 60%
लिंग अनुपात: 943/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 71%
मुस्लिम: लगभग 28%
अन्य समुदाय: 1%
अनुसूचित जाति: लगभग 17%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,21,135
विजेता: ज्ञान तिवारी (भाजपा)
वोट: 48.9%
उपविजेता: महेन्द्र कुमार सिंह (सपा)
मतदान प्रतिशत: 71%
सेवता विधानसभा, जो सीतापुर जिले में 2008 के परिसीमन के बाद बनी, का राजनीतिक सफर बीजेपी और सपा के बीच खिंचता रहा है। 2012 में यहाँ पहला चुनाव हुआ, जिसमें सपा के महेंद्र कुमार सिंह विजयी रहे। इसके बाद 2017 में बीजेपी के ज्ञान तिवारी ने बसपा के मोहम्मद नासिम को बड़ी बढ़त से हराया और सत्ता में आए। 2022 के चुनाव में भी ज्ञान तिवारी ने जीत दोहराई, इस बार उन्होंने सपा के महेंद्र कुमार सिंह (झीन बाबू) को 20,281 वोटों से मात दी। तिवारी को 1,08,057 वोट मिले, जबकि झीन बाबू को 87,776 वोट हासिल हुए। बसपा के आशीष प्रताप सिंह को 17,054 और कांग्रेस के डॉ. विजय नाथ अवस्थी को 2,984 वोट मिले। उस चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 48.43% दर्ज हुआ। ब्राह्मण, ओबीसी और दलित मतदाता यहाँ निर्णायक भूमिका निभाते हैं, और इन्हीं सामाजिक समीकरणों के साथ विकास के मुद्दे मिलकर सेवता की चुनावी तस्वीर तय करते रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
ज्ञान तिवारी, भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक, सीतापुर की सेवता विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्ञान तिवारी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं, स्नातक तक पढ़ाई की है और पेशे से कृषि व व्यापार से जुड़े हैं। 2017 में पहली बार विधायक बने और तब से लगातार क्षेत्र में भाजपा का जनाधार मजबूत करते हुए विकास कार्यों जैसे बाढ़ प्रभावित गांवों का पुनर्वास और आवास योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, तिवारी का राजनीतिक सफर विवादों से भी जुड़ा रहा है। 2022 चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज है।
सेवता विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में सेवता विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और जनचर्चा मुख्य रूप से कुछ बड़े मुद्दों पर केंद्रित रही है। 2017 और 2022 के चुनावों में भाजपा के ज्ञान तिवारी ने लगातार समाजवादी पार्टी को मात दी, जहाँ 2017 में मोदी लहर का असर साफ दिखा तो 2022 में भाजपा ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साथ ही यहाँ विकास कार्य, जैसे सड़कें, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ, हमेशा चर्चा के केंद्र में रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, दंगों व अपराधों से बचाव और सामाजिक शांति कायम रखने की मांगें भी समय-समय पर उठती रहीं। किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी, कर्जमाफी और छोटे व्यापारियों व कामगारों की आर्थिक स्थिति भी बड़े मुद्दे बने रहे। कुल मिलाकर, सेवता विधानसभा में पिछले पाँच साल विकास, कानून-व्यवस्था, कृषि और सामाजिक सौहार्द जैसे सवालों के इर्द-गिर्द ही घूमते रहे, जिनका सीधा असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ा।