शाहगंज विधानसभा सीट - Jaunpur

शाहगंज

वर्तमान विधायक
श्री रमेश सिंह
जिला
Jaunpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
जौनपुर
शाहगंज विधानसभा सीट
शाहगंज विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है और जौनपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद से विधानसभा संख्या 365 के रूप में जानी जाती है। शाहगंज क्षेत्र में शाहगंज शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र आते हैं। यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है और यहां की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: जौनपुर
विधानसभा क्रमांक: 365
लोकसभा क्षेत्र: जौनपुर
आरक्षण: सामान्य
जिले की कुल जनसंख्या: लगभग 55 लाख
अनुमानित आबादी: 3.5-4 लाख
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 75-80%
मुस्लिम: 15-20%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,39,277
विजेता: रामेश (निषाद पार्टी)
वोट शेयर: 36.5%
उपविजेता: शैलेन्द्र यादव ललई (सपा)
मतदान प्रतिशत: 56.0%
शाहगंज विधानसभा सीट जौनपुर जिले की एक अहम राजनीतिक सीट रही है, जहां परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) का दबदबा रहा है। 2002 और 2007 में सपा के जगदीश सोनकर, फिर 2012 और 2017 में शैलेंद्र यादव 'ललई' ने जीत दर्ज की। हालांकि, 2022 के चुनाव में यह सिलसिला टूट गया जब निषाद पार्टी के रमेश ने बेहद करीबी मुकाबले में शैलेंद्र यादव को सिर्फ 719 वोटों से हरा दिया। 2022 में मतदान प्रतिशत सिर्फ 36.21% रहा, जो अपेक्षाकृत कम है। इस सीट पर यादव, अनुसूचित जाति, क्षत्रिय, बिंद, राजभर, मुस्लिम और ब्राह्मण समुदाय का खासा असर रहता है, और चुनावी समीकरण इन्हीं के इर्द-गिर्द बनते हैं। भले ही बसपा, AIMIM, कांग्रेस और कुछ अन्य दलों की मौजूदगी हो, लेकिन असली मुकाबला सपा और एनडीए (निषाद पार्टी) के बीच ही रहा। सालों से यह सीट सपा की मानी जाती थी, लेकिन 2022 के नतीजे ने यह दिखा दिया कि मुकाबला अब और भी कड़ा हो चुका है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
रमेश सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की शाहगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं और निषाद पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और इसके बाद उन्हें पार्टी के विधानमंडल दल का नेता भी चुना गया। करीब 42 साल के रमेश सिंह क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। जहां तक उनके आपराधिक रिकॉर्ड की बात है, तो 2022 चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं।
शाहगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में शाहगंज विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। बुनियादी विकास जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल निकासी और शहरी ढांचे की कमी लोगों की प्रमुख चिंता रही है। शाहगंज को जिला बनाने की मांग, अधूरा पड़ा बाइपास प्रोजेक्ट और बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू कराने की मांग ने भी राजनीति में खास जगह बनाई है। यहां की जातीय स्थिति काफी विविध है यादव, एससी, क्षत्रिय, बिंद, राजभर, मुस्लिम और ब्राह्मण जैसी कई जातियों की मजबूत उपस्थिति है, जो हर चुनाव में समीकरण तय करती है। बंद चीनी मिल के कारण स्थानीय लोगों का रोजगार छिना है और युवाओं के लिए नए रोजगार या स्वरोजगार की मांग लगातार उठती रही है। इसके अलावा प्रशासनिक सुस्ती, भूमि विवादों का हल न निकलना और चकबंदी जैसी समस्याएं भी लोगों को परेशान करती रही हैं। जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ है, सफाई, जल निकासी, ट्रैफिक और दूसरी बुनियादी नागरिक सुविधाओं की कमी भी जनता की रोजमर्रा की परेशानी बन गई है।

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