शिवपुर विधानसभा सीट - Varanasi

शिवपुर

वर्तमान विधायक
अनिल राजभर
जिला
Varanasi
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
चंदौली
शिवपुर विधानसभा सीट
शिवपुर विधानसभा सीट वाराणसी जिले का एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र है, जिसका गठन 2012 के परिसीमन के बाद हुआ (पहले चिरईगांव नाम था)। ये क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि, अमरूद व अचार-मुरब्बा उत्पादन और पंचकोसी यात्रा के अंतिम पड़ाव 'कपिलधारा' के धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां जातिगत संतुलन में मौर्य, राजभर, पटेल, ठाकुर, ब्राह्मण, यादव व दलित समुदाय की भागीदारी उल्लेखनीय है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: वाराणसी
विधानसभा क्रमांक: 386
लोकसभा क्षेत्र: चंदौली
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 3,40,000
साक्षरता दर: अनुमानित 72 %
लिंग अनुपात: 810/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: करीब 86 %
मुस्लिम: लगभग 12 %
अन्य समुदाय: 2 %
अनुसूचित जाति: 13 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,49,496
विजेता: अनिल राजभर (भाजपा)
वोट शेयर: 46.2%
उपविजेता: अरविंद राजभर (सुभासपा)
मतदान प्रतिशत: 67.2%
शिवपुर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 2012 के परिसीमन के बाद चिरईगांव सीट को मिलाकर इसका गठन हुआ और उसी साल बसपा के उदय लाल मौर्या ने यहां जीत दर्ज की, हालांकि बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। 2017 में भाजपा के अनिल राजभर ने सपा के आनंद मोहन यादव को बड़े अंतर से हराकर सीट पर कब्जा जमाया और योगी सरकार में राज्य मंत्री भी बने। यादव बाहुल्य माने जाने वाले इस क्षेत्र में दलित, पटेल, राजभर और मुस्लिम मतदाता भी अहम भूमिका निभाते हैं। इलाके में खराब सड़कों, अतिक्रमण और जाम जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जबकि धार्मिक दृष्टि से पंचकोसी यात्रा का अंतिम पड़ाव पिंड क्षेत्र भी यहीं आता है। 2022 में फिर अनिल राजभर ने एसबीएसपी के अरविंद राजभर को लगभग 27,687 वोटों से हराया। उस चुनाव में भाजपा को करीब 45.76% यानी 1,15,231 वोट मिले, जबकि एसबीएसपी को 34.77% यानी 87,544 वोट हासिल हुए। कुल 3,40,696 मतदाताओं वाली इस सीट पर लगभग 46% मतदान हुआ। पिछड़ी जातियों और दलितों का गहरा असर होने के कारण शिवपुर विधानसभा उत्तर प्रदेश की राजनीति में खास महत्व रखती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अनिल राजभर, भारतीय जनता पार्टी के विधायक, वर्तमान में शिवपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका जन्म नेवी नगर, मुंबई में हुआ, लेकिन वे मूल रूप से चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील के निवासी हैं। राजनीति की शुरुआत उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में की और बाद में जिला पंचायत सदस्य बने। 2017 में पहली बार विधायक चुने गए और योगी आदित्यनाथ की सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री भी रहे। उनका राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त अनिल राजभर खेती-किसानी और व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शिवपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में शिवपुर और रोहनिया दोनों विधानसभा क्षेत्रों में विकास और आधारभूत संरचना सुधार सबसे बड़े मुद्दे रहे। शिवपुर में विधायक शिव अरोरा के नेतृत्व में कई सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य हुए, जिनमें गदरपुर दिनेशपुर से हरिपुरा नं. 4 तक 2 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण खास रहा। इससे दैनिक आवागमन और किसानों की कृषि गतिविधियों में सुविधा बढ़ी। क्षेत्र में जलापूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा संस्थानों के उन्नयन को भी प्राथमिकता दी गई, साथ ही किसानों के लिए सिंचाई और पर्यावरण संरक्षण पर काम हुआ। वहीं रोहनिया में विधायक डॉ. सुनील पटेल ने 37 विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनमें सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल था। यहां धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास पर भी जोर दिया गया। दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता जैसे सामाजिक-आर्थिक मुद्दे चुनावी और जनजीवन की चर्चा में सबसे आगे रहे।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़