सिधौली विधानसभा सीट - Sitapur

सिधौली

वर्तमान विधायक
श्री मनीष रावत
जिला
Sitapur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मोहनलालगंज
सिधौली विधानसभा सीट
सिधौली उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट है। यह मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और क्षेत्र में कृषिप्रधान ग्रामीण आबादी का वर्चस्व है। यहां सामाजिक विविधता के साथ-साथ तेजी से हो रहे शहरीकरण की झलक भी मिलती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सीतापुर
विधानसभा क्रमांक: 152
लोकसभा क्षेत्र: मोहनलालगंज
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: लगभग 3,20,000
साक्षरता दर: लगभग 61%
लिंग अनुपात: 943/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 73%
मुस्लिम: लगभग 26%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: लगभग 21%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,42,163
विजेता: मनीष रावत (भाजपा)
वोट 43.9%
उपविजेता: हर्गोविंद भार्गव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 68.5%
सिधौली विधानसभा सीट, जो 1952 में अस्तित्व में आई और अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है, का राजनीतिक इतिहास लंबे समय तक सपा और बसपा के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। शुरुआती दौर में कांग्रेस और जनता दल यहाँ मजबूत रहे, लेकिन 1990 के बाद से सपा के श्यामलाल रावत और बसपा के डॉ. हरगोविंद भार्गव का दबदबा दिखा। 2012 में सपा के मनीष रावत ने जीत दर्ज की, जबकि 2017 में बसपा के डॉ. हरगोविंद भार्गव ने बाज़ी मारी। हालांकि, 2022 का चुनाव ऐतिहासिक रहा जब भाजपा ने लगभग 40 साल बाद इस सीट पर पहली बार जीत हासिल की और मनीष रावत ने सपा के डॉ. हरगोविंद भार्गव को करीब 9,700 वोटों से हराया। इस चुनाव ने साफ किया कि अब तक जहाँ मुकाबला बसपा और सपा के बीच रहता था, वहीं अब भाजपा ने भी सिधौली की राजनीति में मजबूत पैठ बना ली है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मनीष रावत, सिधौली (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं और 2012 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हरदोई जिले में जन्मे रावत ने लखनऊ विश्वविद्यालय और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से एम.ए. और बी.एड. की पढ़ाई की है। पेशे से वे कृषि और व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। राजनीति में उन्होंने अपना सफर समाजवादी पार्टी से शुरू किया था, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल होकर चुनाव जीते और वर्तमान में 18वीं विधानसभा के सदस्य हैं। उनके खिलाफ चुनाव आयोग के हलफनामे में दर्ज पाँच आपराधिक मामले लंबित हैं।
सिधौली विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में सिधौली विधानसभा क्षेत्र की जनता सबसे ज्यादा बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर परेशान रही है। सड़क और फ्लाईओवर निर्माण में ठेकेदारों व विभाग की लापरवाही ने लोगों को खासी दिक्कत दी, वहीं विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठते रहे। कई गाँवों में अब भी बिजली आपूर्ति और शुद्ध पेयजल की कमी बनी हुई है, खराब पाइपलाइन और जल संकट जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। बेरोजगारी की समस्या ने युवाओं को परेशान किया, जिससे स्वरोजगार, सरकारी नौकरियों और बेहतर शिक्षा सुविधाओं की माँग तेज़ रही। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई, खाद-बीज वितरण और फसल खराबा मुआवज़े जैसी दिक्कतें बड़ी चिंता बनी रहीं। इसके अलावा प्रशासन की निष्क्रियता और विभागीय लापरवाही पर भी लोगों ने सवाल उठाए। कुल मिलाकर, बीते पाँच साल सिधौली में सड़क, बिजली-पानी, रोजगार, किसान समस्याओं और प्रशासनिक सुस्ती जैसे मुद्दों पर ही सबसे अधिक चर्चा और असंतोष देखने को मिला।

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