सिकन्दरा विधानसà¤à¤¾ सीट - Kanpur Dehat
सिकन्दरा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री अजीत सिंह पाल |
| जिला | Kanpur Dehat |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | 1,97,912 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | इटावा |
सिकंदरा विधानसभा सीट
सिकंदरा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में स्थित है और इसका विधानसभा क्रमांक 207 है। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी की है और एटा/इटावा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। सिकंदरा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र इसमें शामिल हैं। यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से विविध और सामाजिक दृष्टि से संतुलित माना जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: कानपुर देहात
विधानसभा क्रमांक: 207
लोकसभा क्षेत्र: इटावा/एटा
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 2.78 लाख
नगर जनसंख्या: 13,580
साक्षरता दर (नगर क्षेत्र): 72.21%
लिंग अनुपात: 843/1000
धार्मिक और सामाजिक (जिला)
हिंदू: 84%
मुस्लिम: 7%
अन्य: 9%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,97,912
विजेता: अजीत पाल (भाजपा)
वोट शेयर: 45.2%
उपविजेता: प्रभाकर पांडेय (सपा)
मतदान प्रतिशत: 60.6%
सिकंदरा विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में आती है, 2012 में नए परिसीमन के बाद बनी थी। पहले यह राजपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा थी। इस सीट पर शुरुआत में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दबदबा रहा और 2012 में बसपा के इंद्रपाल सिंह ने यहां जीत दर्ज की थी। लेकिन इसके बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पकड़ मजबूत की है। 2017 में भाजपा के मथुरा प्रसाद पाल और फिर 2022 में अजीत पाल ने जीत हासिल की। 2022 के चुनाव में अजीत पाल को करीब 89 हजार वोट मिले और उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रभाकर पांडे को 31,567 वोटों से हराया। बसपा तीसरे स्थान पर रही। इन नतीजों से साफ है कि 2017 के बाद से भाजपा ने यहां लगातार दो बार जीत हासिल कर क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता और संगठन की ताकत को साबित किया है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अजीत सिंह पाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं और उत्तर प्रदेश की सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह कानपुर देहात के मैदू तहर्पुर गांव के रहने वाले हैं और गड़रिया जाति से आते हैं। उन्होंने कृषि इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और सामाजिक सेवा में भी रुचि रखते हैं। अजीत पाल 2017 से विधायक हैं और फिलहाल अपने दूसरे कार्यकाल में हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी भी मिली हुई है। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। 2022 के चुनाव के समय उन्होंने करीब 2.8 करोड़ रुपये की संपत्ति और लगभग 7 लाख रुपये की देनदारी घोषित की थी। उनकी वार्षिक आय लगभग 10 लाख रुपये दर्ज की गई है। 2022 में चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सिकंदरा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में कई प्रमुख मुद्दे उभर कर सामने आए हैं। सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार की कमी और पलायन का था, क्योंकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर न होने के कारण युवा बड़ी संख्या में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे थे। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी समस्याएं थीं, जहां साक्षरता दर सिर्फ 48.93% थी, और महिलाओं की साक्षरता दर और भी कम (39.50%) रही। स्कूलों की हालत, बुनियादी सुविधाओं की कमी, और शिक्षकों की अनुपलब्धता ने इस क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को प्रभावित किया। महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर भी कई योजनाएं चलाई गईं, जैसे 'माई बहिन मान योजना,' जिससे महिलाओं में जागरूकता बढ़ी। कृषि और किसानों के लिए सिंचाई, फसल की कीमत, खाद-बीज की उपलब्धता, और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे, क्योंकि अधिकांश जनसंख्या खेती पर निर्भर है। बुनियादी ढांचे के मामले में भी सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं की कमी और ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कें एक बड़ी चुनौती रही। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक थी, जहां डॉक्टरों और दवाओं की कमी थी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी भारी कमी थी। जातीय और सामाजिक असंतुलन के कारण अनुसूचित जाति और मुस्लिम समुदायों के बीच असंतोष बना रहा, क्योंकि उन्हें योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल पा रहा था। इसके अलावा, राजनीतिक अस्थिरता और गठबंधन की राजनीति के कारण क्षेत्र में बदलाव और असंतोष देखने को मिला।