सिरसागंज विधानसभा सीट - Firozabad

सिरसागंज

वर्तमान विधायक
श्री सर्वेश सिंह
जिला
Firozabad
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
फिरोजाबाद
सिरसागंज विधानसभा सीट
सिरसागंज उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है, जो फिरोजाबाद जिले में स्थित है। इसका विधानसभा क्रमांक 99 है और यह फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सिरसागंज कस्बा इस क्षेत्र का प्रशासनिक केंद्र है, जो मुख्यतः कृषि विशेषकर आलू की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यहां शहरी और ग्रामीण दोनों प्रकार की आबादी निवास करती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: फिरोजाबाद
विधानसभा क्रमांक: 99
नगर की कुल जनसंख्या: 28,212
लिंगानुपात: 888/1000
साक्षरता दर: 67.68% (जिला)
धार्मिक और जातीय विभाजन
हिन्दू: 80-85%
मुस्लिम: 10-15%
अन्य: 1-2%
अनुसूचित जाति (अन्य): 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता:  2,07,203
विजेता: सर्वेश सिंह (सपा)
वोट शेयर: 46.4%
उपविजेता: हरिओम यादव (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 64.6%
सिरसागंज विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में स्थित है और इसका गठन 2008 में परिसीमन के बाद हुआ था, जबकि पहला चुनाव 2012 में संपन्न हुआ। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण, किसान और मजदूर बहुल है, जहां ठाकुर, यादव और वैश्य समाज के साथ-साथ अन्य ओबीसी और एससी समुदायों की निर्णायक भूमिका रही है। 2012 के पहले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के हरिओम यादव ने जीत दर्ज की और 2017 में भाजपा लहर के बावजूद उन्होंने सीट बनाए रखी। 2022 में सपा ने प्रत्याशी बदलकर सर्वेश सिंह को मैदान में उतारा, जिन्होंने भाजपा के हरिओम यादव को 8,805 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। उल्लेखनीय है कि हरिओम यादव पहले सपा से जुड़े रहे हैं और मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार भी हैं। चुनावी मुद्दों में किसान, मजदूर, बेरोजगारी, सिंचाई, सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की कमी प्रमुख रहे हैं, जबकि जातीय समीकरण विशेषकर यादव, ठाकुर, वैश्य, ओबीसी और एससी समुदायों का प्रभाव भी चुनाव परिणामों को तय करने में अहम रहा है। 2022 के चुनाव में सपा के सर्वेश सिंह को 96,224 (46.22%) वोट मिले, जबकि भाजपा के हरिओम यादव को 41.99%, बसपा के पंकज मिश्रा को 9.01%, कांग्रेस की प्रतिमा पाल को 0.58% और नोटा को 989 (0.48%) मत मिले। सपा की यह लगातार तीसरी जीत रही, जो क्षेत्र में उसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सर्वेश सिंह, जिन्हें सर्वेश यादव के नाम से भी जाना जाता है, समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सिरसागंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मीरापुर, फर्रुखाबाद के आर.एस.एस. इंटर कॉलेज से प्राप्त की और 1989 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। हालांकि वे शैक्षिक रूप से 12वीं पास हैं, लेकिन उन्होंने सामाजिक न्याय, गरीबों की आवाज़ और ग्रामीण विकास को अपनी राजनीति का मूल आधार बनाया। समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए सर्वेश सिंह लंबे समय से संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय रहे हैं और जमीनी स्तर पर जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिओम यादव को हराकर पहली बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, किसान और युवा से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से सक्रिय रहते हैं। 2022 में दाखिल शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सिरसागंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र में कई गंभीर और जमीनी मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें किसानों की समस्याएं प्रमुख रहीं। यह क्षेत्र आलू और गेहूं की खेती के लिए जाना जाता है, लेकिन किसानों को फसल की लागत बढ़ने, उचित मूल्य न मिलने, सिंचाई की कमी, खाद-बीज की महंगाई और सरकारी मदद में देरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बेरोजगारी भी एक बड़ा मुद्दा रहा, क्योंकि युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मजदूरी और पलायन की समस्या बनी हुई है। बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक रही है जर्जर सड़कें, जलभराव, गंदगी और नालियों की सफाई न होने की शिकायतें आम रही हैं, खासकर बरसात के मौसम में। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी ग्रामीण इलाकों में कमजोर है, और सरकारी स्कूलों व अस्पतालों की स्थिति सुधारने की मांग लगातार उठती रही है। जातीय समीकरण भी यहां की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां यादव, लोधी, जाटव जैसी ओबीसी जातियां, सामान्य और अनुसूचित जातियों के साथ मिलकर चुनावी समीकरण तय करती हैं। इसके अलावा, बिजली कटौती, पेयजल संकट और ट्यूबवेल व पम्प की खराबी जैसी समस्याएं भी आम जनता और किसानों की प्रमुख चिंताओं में शामिल रही हैं।

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