सोरांव विधानसà¤à¤¾ सीट - Allahabad
सोरांव |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती गीता शास्त्री (पासी) |
| जिला | Allahabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फूलपुर |
सोरांव उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का एक कस्बा और आठ तहसीलों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश विधान सभा का एक विधानसभा क्षेत्र भी है, जो 403 विधानसभा क्षेत्रों में से क्रमांक 255 पर स्थित है। सोरांव फूलपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र रहा है। सोरांव पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह से भी जुड़ा है।
जनसंख्या वितरण
जनसंख्या: 10,624 (2011 की जनगणना के अनुसार)
पुरुष: 5,565
महिला: 5,059
लिंग अनुपात: 909/1000 है
धार्मिक वितरण
मुसलमान: 57.36%
हिंदु: 42.12%
सामाजिक और आर्थिक वितरण
अनुसूचित जाति (SC): 6.65%
अनुसूचित जनजाति (ST): 0.02%
सोरांव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और लघु उद्योगों पर निर्भर है, जहां उपजाऊ भूमि पर विविध फसलें उगाई जाती हैं। हालांकि, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और विविध खेती को अपनाने की आवश्यकता है। साथ ही, क्षेत्र में सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे बुनियादी ढांचे के विकास की भी जरूरत है।
2022 विधानसभा चुनाव
विजेता: गीता शास्त्री (पासी) (सपा)
वोट शेयर: 41.3%
उपविजेता: जमुना प्रसाद सरोज (अपना दल (सोनेलाल))
सोरांव विधानसभा क्षेत्र, प्रयागराज में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है, जिसका राजनीतिक इतिहास काफी सक्रिय और रोचक रहा है। यह क्षेत्र सपा, बसपा, भाजपा और अपना दल (एस) जैसे प्रमुख दलों के लिए एक अहम चुनावी मैदान रहा है। 1969 में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की कांग्रेस से जीत इस क्षेत्र की शुरुआती राजनीतिक अहमियत को दर्शाती है। हाल के वर्षों में सपा और अपना दल (एस) ने बारी-बारी से सीट जीती है, जबकि बसपा की मजबूत पकड़ बनी रही है। 2019 में भाजपा नेता आलोक कुमार पांडे के ब्लॉक प्रमुख बनने से भाजपा की पकड़ भी बढ़ी है। कुल मिलाकर, यहां के चुनाव जातिगत समीकरणों, विकास और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस हो रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
गीता शास्त्री (पासी) समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की सोरांव (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने काशी एग्रीकल्चर इंटर कॉलेज, वाराणसी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वो पेंशन क्षेत्र और कृषि से जुड़ी हैं, जो सामाजिक कल्याण और कृषि गतिविधियों में उनकी भागीदारी को दर्शाता है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सोरांव विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में सोरांव विधानसभा क्षेत्र, प्रयागराज जिले ने कई सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना किया है। क्षेत्र में औद्योगिक विकास की रफ्तार धीमी रही है, खासकर गंगा एक्सप्रेसवे के औद्योगिक गलियारे जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी से रोजगार सृजन प्रभावित हुआ है। सड़कों, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है, जबकि कृषि संकट, सिंचाई की कमी, छुट्टा पशुओं और सरकारी योजनाओं के लाभ की असमान पहुँच ने किसानों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। साथ ही, बढ़ती जनसंख्या के दबाव के चलते आवासीय संकट और स्थानीय रोजगार की कमी से युवाओं का पलायन बढ़ा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। कुंभ मेले जैसे बड़े आयोजनों के दौरान क्षेत्रीय ढांचे पर दबाव तो पड़ा, लेकिन इसके बाद स्थायी सुधार नहीं हो सके।