स्वार विधानसभा सीट - Rampur

स्वार

वर्तमान विधायक
श्री शफीक अहमद अंसारी
जिला
Rampur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
अपना दल (सोनेलाल)
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
रामपुर
स्वार विधानसभा सीट
स्वार उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की विधानसभा सीट है। यह रामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहाँ का जनसांख्यिक, सामाजिक, और राजनीतिक माहौल काफी अलग है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
कुल जनसंख्या: 3,43,409
जिला: रामपुर
विधानसभा क्रमांक: 34
लोकसभा क्षेत्र: रामपुर
आरक्षण: सीट सामान्य (कोई आरक्षण लागू नहीं)
अनुमानित आबादी: कुल 3,43,409
साक्षरता दर: 51.18%
लिंग अनुपात: 915/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 33.72%
मुस्लिम: 61.23%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: 8.5%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,12,129
विजेता: अब्दुल्ला आज़म खान (सपा)
वोट शेयर: 59.5%
उपविजेता: हेदर अली खान (अपना दल (सोनेलाल))
मतदान प्रतिशत: 69.2%
2023 उपचुनाव
विजेता: शफीक अहमद अंसारी (अपना दल (सोनेलाल))
वोट शेयर: 50.81%
उपविजेता: अनुराधा चौहान (सपा)
स्वार विधानसभा, रामपुर जिले की एक प्रमुख मुस्लिम बहुल सीट है, जिसका राजनीतिक इतिहास उतार-चढ़ाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा से भरा रहा है। आज़ादी के बाद शुरुआती वर्षों (1951–1962) में कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन 1967 में स्वतंत्र पार्टी और 1969 में जनसंघ ने जीत दर्ज कर समीकरण बदल दिए। 1970 के दशक में कांग्रेस ने दोबारा वापसी की, जबकि 1980 के बाद भाजपा का उदय हुआ और 1989 से 1996 तक लगातार चार बार भाजपा ने यह सीट जीती। 2002 से 2012 के बीच नवाब परिवार के प्रभाव और बदलते हालातों के कारण कांग्रेस, सपा और बसपा के बीच यह सीट घूमती रही। हाल के वर्षों में आज़म खान और उनके परिवार का इस क्षेत्र में गहरा प्रभाव रहा। 2017 में उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ने पहली बार जीत दर्ज की, लेकिन उनकी विधायकी कानूनी मामलों के चलते दो बार रद्द हो चुकी है। 2022 में अब्दुल्ला ने फिर जीत हासिल की, मगर 2023 में सदस्यता रद्द होने के बाद हुए उपचुनाव में अपना दल (एस) के शफीक अहमद अंसारी ने सपा उम्मीदवार अनुराधा चौहान को लगभग 9,700 वोटों से हराकर सीट पर कब्जा कर लिया। करीब 3 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका सबसे अहम है, लेकिन हालिया चुनावों से साफ है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने भी यहां अपनी मजबूत पकड़ बनानी शुरू कर दी है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
शफीक अहमद अंसारी, अपना दल (सोनेलाल) के नेता और रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। वे 2023 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बने। इससे पहले वे स्वार नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी रेशमा परवीन अंसारी भी स्वार की पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं। भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने सपा की अनुराधा चौहान को करीब 8,700 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। इस उपचुनाव में उन्हें 50.81% वोट मिले, जिसे भाजपा गठबंधन की बड़ी राजनीतिक सफलता माना गया। खास बात यह है कि उनके खिलाफ कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और वे एक साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार के रूप में जाने जाते हैं।
स्वार विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में स्वार विधानसभा का माहौल राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर काफी प्रभावित रहा। 2022 के चुनाव के बाद विधायक अब्दुल्ला आजम की सदस्यता रद्द होने से उपचुनाव हुआ, जिसमें भाजपा सहयोगी अपना दल (एस) के शफीक अहमद अंसारी और सपा की अनुराधा चौहान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस राजनीतिक अस्थिरता और परिवार विवाद ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक समीकरण हमेशा अहम रहे, जहाँ पसमांदा और पिछड़े समुदायों के वोट को साधना राजनीतिक रणनीति का बड़ा हिस्सा रहा। दूसरी ओर, विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, सड़क और जल आपूर्ति की समस्याएँ, स्वास्थ्य व शहरी सुविधाओं की कमी जनता की शिकायतों में शामिल रहीं। कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई और पुलिस व्यवस्था में सुधार की मांग की। युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधनों की जरूरत लगातार महसूस की गई, वहीं कृषि क्षेत्र में जल संकट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। इन सभी चुनौतियों ने स्वार विधानसभा की राजनीति और जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया है।

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