थाना भवन विधानसà¤à¤¾ सीट - Shamli
थाना भवन |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री अशरफ अली खान |
| जिला | Shamli |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | राष्ट्रीय लोक दल |
| कुल मतदाता | 2,17,752 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | कैराना |
थाना भवन विधानसभा सीट
थाना भवन विधानसभा उत्तर प्रदेश के शामली जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 9 है और कैराना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2012 के पूर्व तक यह मुजफ्फरनगर जिले में आती थी। क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण मिश्रण, व्यापार, कृषि और सामाजिक विविधता देखने को मिलती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: शामली
विधानसभा क्रमांक: 9
लोकसभा क्षेत्र: कैराना
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 36,669
साक्षरता दर: 60.96%
लिंग अनुपात: 905/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 44.58%
मुस्लिम: 53%
अन्य समुदाय: 2-3%
अनुसूचित जाति: 9-11%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,17,752
विजेता: अशरफ अली खान (राष्ट्रीय लोकदल)
वोट शेयर: 47.7%
उपविजेता: सुरेश कुमार (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 67.9%
थाना भवन विधानसभा, जो अब शामली जिले का हिस्सा है और पहले मुजफ्फरनगर में आती थी, उत्तर प्रदेश की एक अहम राजनीतिक सीट रही है। यहां की सामाजिक बनावट काफी विविधतापूर्ण है, जिसमें ठाकुर, मुस्लिम, सैनी, वैश्य और जाट समुदायों का खासा प्रभाव है। इस सीट पर पहली बार 1974 में चुनाव हुआ था, लेकिन 2012 और 2017 में भाजपा के सुरेश राणा ने लगातार जीत हासिल कर परंपरा तोड़ी, क्योंकि इससे पहले कोई विधायक लगातार दो बार नहीं जीत पाया था। सुरेश राणा राज्य में गन्ना मंत्री भी रहे और क्षेत्र में उनका अच्छा खासा प्रभाव था, हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी उनकी विवादित भूमिका भी चर्चा में रही। 2022 के चुनाव ने यहां के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव लाया, जब राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अशरफ अली खान ने भाजपा के सुरेश राणा को 10,806 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। अशरफ अली को 47.47% वोट मिले, जबकि सुरेश राणा को 42.53%। इस सीट पर हमेशा भाजपा, RLD, सपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला रहता है, जबकि बीएसपी का प्रभाव सीमित रहा है। गन्ना किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और बुनियादी विकास यहां के मुख्य चुनावी मुद्दे रहे हैं। 2022 में किसान आंदोलन और सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों ने RLD को जनता का समर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस बदलाव ने साफ संकेत दिया कि थाना भवन की राजनीति अब नई दिशा में बढ़ रही है, और आने वाले चुनावों में जातीय समीकरणों के साथ-साथ विकास के मुद्दे भी निर्णायक साबित होंगे।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अशरफ अली खान, उत्तर प्रदेश के शामली जिले की थाना भवन विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के विधायक हैं। उनका जन्म 1972 में हुआ था और उनका राजनीतिक सफर जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ, जो आगे चलकर विधायक बनने तक पहुंचा। एक किसान परिवार से आने वाले अशरफ अली खान हमेशा से कृषि, ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और स्थानीय जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने थानाभवन सीट से जीत हासिल की और उनका पहला विधानसभा भाषण भी खासा चर्चा में रहा। 2022 चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
थाना भवन विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में थाना भवन विधानसभा क्षेत्र ने कई बुनियादी और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया है, जो स्थानीय जनता के लिए रोजमर्रा की परेशानियों का कारण बनी रहीं। जलापूर्ति, बिजली, सड़क और जलनिकासी जैसी सुविधाओं की कमी ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को निराश किया। यह क्षेत्र कृषि प्रधान है, जहां बड़ी संख्या में गन्ना किसान हैं। गन्ना मूल्य भुगतान में देरी, सिंचाई की कमी और मंडी व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतें लगातार किसानों के बीच चिंता का विषय बनी रहीं और चुनावी मुद्दों में प्रमुखता से उठती रहीं। कानून व्यवस्था, खासकर महिला सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की मांग भी लगातार बनी रही। यहां जाट, मुस्लिम, सैनी, ठाकुर और वैश्य समुदायों के बीच सामाजिक संतुलन बनाए रखना हमेशा से संवेदनशील रहा है। रोजगार के अवसरों की कमी और युवाओं के पलायन ने स्थानीय विकास की रफ्तार पर सवाल खड़े किए। राजनीतिक नेतृत्व की सुस्ती, विकास कार्यों की धीमी गति और गुटबाजी ने भी जनता को मायूस किया। वहीं शहरी क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन, सड़क और पार्किंग जैसी समस्याएं भी बनी रहीं। हाल के चुनावों में RLD और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें जातीय और सामाजिक समीकरणों ने अहम भूमिका निभाई। ये तमाम मुद्दे इस क्षेत्र की राजनीति और जनता की प्राथमिकताओं को लगातार प्रभावित करते रहे हैं।