तिंदवारी विधानसभा से विधायक रमाकेश निषाद का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
तिंदवारी विधानसभा
रमाकेश निषाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और बांदा जिले की तिंदवारी विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पेशे से अधिवक्ता और कृषक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गए और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति विभाग के राज्य मंत्री बने। निषाद समाज के प्रमुख चेहरों में गिने जाने वाले रमाकेश निषाद की पहचान जमीनी कार्यकर्ता और संगठन के मजबूत नेता के रूप में है। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- आयु लगभग 47 वर्ष।
- स्नातक प्रोफेशनल (एलएलबी) शिक्षा प्राप्त की।
- पेशे से कृषक और अधिवक्ता हैं।
- पैलानी डेरा, बांदा के निवासी हैं।
- कुल घोषित संपत्ति लगभग 95 लाख रुपये है।
राजनीतिक सफर
- भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय तक संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
- भाजपा के जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और निषाद समाज के बीच मजबूत आधार बनाया।
- 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर समाजवादी पार्टी के बृजेश कुमार प्रजापति को 28,425 मतों से हराया।
- विधायक बनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली।
- बुंदेलखंड क्षेत्र और निषाद समाज के प्रतिनिधित्व को नई पहचान दिलाई।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण सड़कों, नालियों और संपर्क मार्गों के निर्माण व मरम्मत कार्यों को गति दी।
- किसानों के लिए खरीद केंद्र, सिंचाई सुविधाओं और खाद-बीज वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए।
- सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया।
- स्वच्छ पेयजल योजनाओं और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया।
- राशन कार्ड, आवास और पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के स्वरोजगार कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया।
- जनता दरबार, चौपाल और सोशल मीडिया संवाद के माध्यम से जनता से सीधे जुड़े रहे।
तिंदवारी के प्रमुख नेता
- रमाकेश निषाद भाजपा के विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री हैं।
- बृजेश कुमार प्रजापति समाजवादी पार्टी के नेता हैं और पिछड़े वर्गों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
- विशंभर प्रसाद निषाद पूर्व मंत्री रहे हैं और निषाद समाज के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।
- जयराम सिंह बसपा के नेता रहे हैं और दलित तथा ओबीसी समाज के अधिकारों के लिए कार्य करते रहे हैं।
- दलजीत सिंह पूर्व विधायक रहे हैं और किसान हितों के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।