टूंडला विधानसभा से विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
टूंडला विधानसभा
प्रेमपाल सिंह धनगर भारतीय जनता पार्टी के नेता और फिरोजाबाद जिले की टूंडला विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने भाजपा संगठन में लंबे समय तक जमीनी स्तर पर कार्य किया और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में पहचान बनाई। 2019 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बने और 2022 में पुनः चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
- ग्राम सभा और ब्लॉक स्तर की राजनीति तथा जनसेवा से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
- भाजपा संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी के रूप में कार्य किया।
- 2019 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पहली बार विधायक चुने गए।
- समाजवादी पार्टी के महाराज सिंह धनगर को 17 हजार से अधिक मतों से हराया।
- 2022 में दूसरी बार चुनाव जीतकर भाजपा का जनाधार और मजबूत किया।
- जनसुनवाई, जनता दरबार और गांव-गांव संपर्क कार्यक्रमों के लिए क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण संपर्क मार्गों, सड़क निर्माण और बिजली विस्तार योजनाओं को बढ़ावा दिया।
- पेयजल और जल निकासी परियोजनाओं को लागू कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- सरकारी स्कूलों के विकास, यूनिफॉर्म वितरण और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में योगदान दिया।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कराने के प्रयास किए।
- किसानों के लिए फसल खरीद, बीमा योजना और खाद-बीज वितरण व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड और अनुसूचित बस्तियों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।
- महिला स्वयं सहायता समूहों, रोजगार प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया।
- जनचौपाल और सोशल मीडिया संवाद के माध्यम से जनता से सीधे जुड़े रहे।
टूंडला के प्रमुख नेता
- प्रेमपाल सिंह धनगर भाजपा के विधायक हैं और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
- एस. पी. सिंह बघेल भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
- राकेश बाबू बसपा के नेता और पूर्व विधायक रहे हैं जिन्होंने सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाया।
- महाराज सिंह धनगर समाजवादी पार्टी के नेता हैं और किसान तथा पिछड़े वर्गों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
- अमर सिंह बसपा से जुड़े रहे और संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।