ऊँचाहार विधानसभा सीट - Raebareli

ऊँचाहार

वर्तमान विधायक
डॉo मनोज कुमार पाण्डेय
जिला
Raebareli
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
असम्बद्ध सदस्य
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
रायबरेली
उंचाहार विधानसभा सीट
उंचाहार विधानसभा उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की प्रमुख सीटों में से एक है। यह रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और विधानसभा क्रमांक 183 है। क्षेत्र में कृषि और ग्रामीण पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उंचाहार विधानसभा का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ। 2012 से अब तक समाजवादी पार्टी, खास तौर पर मनोज कुमार पांडेय ने लगातार तीन चुनाव (2012, 2017, 2022) में जीत दर्ज की है। भाजपा और बसपा कई बार मुख्य चैलेंजर रहे, लेकिन हर बार सपा आगे रही। जातिगत समीकरण और स्थानीय नेतृत्व यहां निर्णायक है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: रायबरेली
विधानसभा क्रमांक: 183
लोकसभा क्षेत्र: रायबरेली
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,50,000
साक्षरता दर: 67.25%
लिंग अनुपात: करीब 900-910/1,000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन:
हिंदू: लगभग 75-80%
मुस्लिम: लगभग 18-20%
अन्य समुदाय: बहुत कम
अनुसूचित जाति: 29.9%
अनुसूचित जनजाति: 0.13%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान:
2022 चुनावी परिणाम:
कुल मतदाता: 2,10,787
विजेता: मनोज कुमार पांडेय (सपा)
वोट शेयर: 82,514 (38.92%)
उपविजेता: अमरपाल मौर्य (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 62.5%
उंचाहार विधानसभा का राजनीतिक इतिहास काफ़ी रोचक रहा है। पहले यह क्षेत्र डलमऊ सीट के अंतर्गत आता था, जहां कांग्रेस का लंबे समय तक दबदबा रहा और कुंवर हरिनारायण सिंह कई बार विधायक चुने गए। लेकिन 1993 में सपा-बसपा गठबंधन के गजाधर सिंह की जीत के साथ कांग्रेस का वर्चस्व टूट गया। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा के टिकट पर लगातार जीत हासिल की और मंत्री भी बने। 2008 के परिसीमन के बाद डलमऊ सीट समाप्त होकर उंचाहार विधानसभा बनी, जहां 2012 और 2017 में समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार पांडेय ने लगातार जीत दर्ज की और अपनी पकड़ मजबूत कर ली। यहां चुनावी नतीजे हमेशा जातीय समीकरण और स्थानीय नेतृत्व के आधार पर तय होते रहे हैं, वहीं हाल के वर्षों में मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव भी बढ़ा है। 2022 में करीब 3.71 लाख मतदाताओं में से 62.46% ने मतदान किया, जिसमें मनोज पांडेय को लगभग 38.92% मिले और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार अमरपाल मौर्य को करीब 6,371 वोटों से हराया। बसपा की कुमारी अंजलि मौर्य तीसरे स्थान पर रहीं। कुल मिलाकर, उंचाहार में मनोज पांडेय और सपा की पकड़ अब भी मजबूत है, जबकि भाजपा लगातार चुनौती तो देती रही है लेकिन जीत अब तक दूर रही है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मनोज कुमार पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे हैं। 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में जन्मे पांडेय ने कानपुर के फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक किया और लगातार तीन बार 2012, 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पार्टी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई। वहीं, उनके खिलाफ दलित समाज की जमीन कब्जाने के आरोप भी सामने आए, जिसके विरोध में धरना-प्रदर्शन हुए और जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। 2022 चुनावी हलफनामे के उनके खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
उंचाहार विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
उंचाहार विधानसभा क्षेत्र में पिछले पाँच सालों के दौरान जनता ने कई अहम समस्याओं और मुद्दों को उठाया है। यहाँ एनटीपीसी प्लांट होने के बावजूद लोगों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ा, साथ ही रोजगार, प्रदूषण और मुआवज़ा जैसे सवाल भी चर्चा में रहे। किसानों के लिए सिंचाई की दिक्कतें, नहरों-ट्यूबवेल की मरम्मत और पानी की आपूर्ति की समस्या हमेशा चुनावी मुद्दा बनी रही। सड़क, पुल, शौचालय और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग लगातार उठती रही। जातीय समीकरण में पासी, यादव, ब्राह्मण और मौर्य जैसी बड़ी जातियां प्रभावशाली रही हैं और सामाजिक न्याय व आरक्षण की बहस राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रही। शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति भी चिंता का विषय रही, जहां स्कूलों में शिक्षक की कमी और अस्पतालों में स्टाफ व सुविधाओं का अभाव लोगों की प्रमुख शिकायत रही। युवाओं के लिए रोजगार, रेलवे और प्लांट में अवसर, साथ ही कोचिंग सुविधाओं की कमी के चलते पलायन की समस्या गंभीर बनी रही। इसके अलावा आवास, साफ-सफाई, जलनिकासी और हरियाली-संरक्षण जैसे मुद्दे भी ग्रामीण जनता की रोज़मर्रा की परेशानियों का हिस्सा रहे।

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