उतरौला विधानसà¤à¤¾ सीट - Balrampur
उतरौला |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री रामप्रताप वर्मा उर्फ़ शशिकान्त वर्मा |
| जिला | Balrampur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | गोंडा |
उतरौला विधानसभा क्षेत्र
उतरौला उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 293 है, जो बलरामपुर जिले में स्थित है। यह क्षेत्र उतरौला नगर और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करता है तथा गोंडा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी की है और यहाँ परंपरागत रूप से बहुदलीय मुकाबले होते रहे हैं। वर्ष 2022 में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राम प्रताप उर्फ शशिकांत वर्मा विधायक चुने गए।
जनसंख्या
कुल मतदाता (2024): 4,29,426
अनुमानित नगर जनसंख्या (2024): लगभग 44,000
तहसील की जनसंख्या (2011): 7,02,842
लिंगानुपात (नगर क्षेत्र): 934/1,000
साक्षरता दर: 71.48%
पुरुष: 76.02%,
महिला: 66.61%
अनुसूचित जाति मतदाता अनुमान: लगभग 51,778
धार्मिक और सामुदायिक विभाजन
मुस्लिम: 60.30%
हिंदू: 38.69%
ईसाई: 0.55%
सिख: 0.31%
अनुसूचित जातियाँ: 7-12%
राजनीतिक और चुनावी रुझान
हालिया (2022) चुनावी नतीजा
विजेता: रामप्रताप वर्मा उर्फ शशिकांत वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 44.43%
विजेता: हासिब खान (सपा)
उतरौला विधानसभा सीट पर राजनीतिक मुकाबला पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच रहा है, जबकि बसपा, कांग्रेस और AIMIM जैसी पार्टियों की भूमिका सीमित रही है। वर्ष 2012 में सपा के आरिफ अनवर हाशमी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2017 और 2022 में भाजपा ने लगातार दो बार विजय प्राप्त कर क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया। 2022 में भाजपा के रामप्रताप वर्मा ने सपा के हासिब खान को 21,769 वोटों के बड़े अंतर से हराया। हाल के चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा है, हालांकि सपा ने अपने वोट शेयर में वृद्धि की, लेकिन जीत के अंतर को नहीं घटा पाई। मुस्लिम और ओबीसी (जैसे यादव, राजभर) मतदाता इस क्षेत्र में निर्णायक माने जाते हैं, परंतु भाजपा ने हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण कर बढ़त बनाए रखी। AIMIM जैसे नए दलों की मौजूदगी से मुस्लिम वोटों में बिखराव देखा गया, जिससे सपा को नुकसान हुआ। विकास, सड़क, बाढ़, शिक्षा और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दे चुनावी विमर्श के केंद्र में रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
रामप्रताप वर्मा, जिन्हें शशिकांत वर्मा के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और उतरौला विधानसभा (सीट संख्या 293), बलरामपुर से विधायक हैं। वे 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर भाजपा के एक मजबूत और लोकप्रिय नेता के रूप में क्षेत्र में स्थापित हुए हैं। पेशे से कृषक, व्यवसायी और समाजसेवी रामप्रताप वर्मा स्नातक शिक्षित हैं। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे उनकी छवि एक स्वच्छ और विश्वसनीय जनप्रतिनिधि की बनी हुई है।
उतरौला विधानसभा क्षेत्र: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
उतरौला विधानसभा क्षेत्र में पिछले पाँच वर्षों के दौरान जिन प्रमुख मुद्दों ने लगातार जनचर्चा और चुनावी बहस को प्रभावित किया है, उनमें बाढ़ और जलभराव की समस्या सबसे गंभीर रही है, जिससे हर साल दर्जनों गांव प्रभावित होते हैं और फसलें नष्ट हो जाती हैं। साथ ही, क्षेत्र में जर्जर सड़कों, अनियमित बिजली आपूर्ति, जल निकासी की खराब व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे की भारी कमी के कारण आम लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में संसाधनों की भारी कमी, शिक्षक व डॉक्टरों की अनुपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का अभाव बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। बेरोजगारी की समस्या, विशेषकर युवाओं के बीच, स्थानीय रोजगार की कमी और महिला श्रम भागीदारी के निम्न स्तर के कारण और गहराती जा रही है, जिससे पलायन को बढ़ावा मिला है। कृषि क्षेत्र भी संकट में है बाढ़, सिंचाई की कमी, फसल की उचित कीमत न मिलना और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ न मिल पाना किसानों की प्रमुख समस्याएँ हैं। इसके अलावा, मुस्लिम बहुल कस्बाई और हिंदू बहुल ग्रामीण आबादी के बीच सामाजिक-सांप्रदायिक संतुलन बनाए रखना, महिलाओं की सुरक्षा और स्थानीय विवादों का समाधान भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक सतत चुनौती बना हुआ है। इन सभी समस्याओं का समाधान मतदाताओं की प्राथमिक मांगों में शामिल रहा है।