वाराणसी कैन्टोनमेंट विधानसà¤à¤¾ सीट - Varanasi
वाराणसी कैन्टोनमेंट |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री सौरभ श्रीवास्तव |
| जिला | Varanasi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | वाराणसी |
वाराणसी कैंट विधानसभा
वाराणसी कैंट या वाराणसी छावनी विधानसभा, वाराणसी जिले की शहरी, सैन्य और व्यापारिक गतिविधियों के लिए विख्यात क्षेत्र है। यहां सेना की गतिविधियों, शहरी व्यापार, रेलवे संस्थान, आधुनिक बाजार और विविध सामाजिक संरचना की वजह से सीट की अलग पहचान है। छावनी क्षेत्र के कारण यहां अनुशासन, व्यवस्था तथा बाहरी लोगों का भी प्रभाव रहता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: वाराणसी
विधानसभा क्रमांक: 390
लोकसभा क्षेत्र: वाराणसी
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 1.1 लाख
साक्षरता दर: 87.27%
लिंग अनुपात: 824/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 70%
मुस्लिम: करीब 25%
अन्य समुदाय: 5% (सिख, ईसाई, जैन)
अनुसूचित जाति: करीब 10.5%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,42,299
विजेता: सौरभ श्रीवास्तव (भाजपा)
वोट शेयर: 61.0%
उपविजेता: पूजा यादव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 53.1%
वाराणसी कैंट विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण शहरी सीट मानी जाती है, जो वाराणसी जिले में स्थित है। पिछले करीब तीन दशकों से यह सीट श्रीवास्तव परिवार के मजबूत कब्जे में है। सबसे पहले ज्योत्सना श्रीवास्तव ने इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई, इसके बाद उनके पति हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने भी विधायक रहे, और फिर ज्योत्सना जी ने फिर से इस सीट पर अपना दबदबा कायम रखा। अब उनके पुत्र सौरभ श्रीवास्तव लगातार इस सीट से जीतते आ रहे हैं। इससे पहले 1970-80 के दशक में जनता पार्टी, कांग्रेस और लोकदल के नेता भी यहां सक्रिय थे। पिछले सात चुनावों से श्रीवास्तव परिवार की जीत का सिलसिला जारी है। सौरभ श्रीवास्तव ने 2017 और 2022 में बड़ी जीत दर्ज की, खासकर 2022 में जहां उन्होंने 60.63% वोट शेयर के साथ सपा की पूजा यादव को करीब 86,844 वोटों से हराया। कुल मतदाता करीब 4,06,493 थे, जिसमें मतदान प्रतिशत 53.09% रहा। इस तरह, वाराणसी कैंट में भाजपा की मजबूत पकड़ और श्रीवास्तव परिवार का लगातार निर्वाचित होना इस क्षेत्र में पार्टी की लोकप्रियता और परिवारवाद के प्रभाव को साफ तौर पर दर्शाता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सौरभ श्रीवास्तव भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था और वे कायस्थ जाति से आते हैं। सौरभ श्रीवास्तव स्नातक हैं और व्यवसाय में सक्रिय हैं। उन्होंने 2017 में पहली बार विधायक का पद संभाला था और 2022 में फिर से भारी मतों से जीत दर्ज की। वे समाजसेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, खासकर महिला सशक्तिकरण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में रुचि रखते हैं। उनका स्थायी पता वाराणसी के तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित है। 2022 चुनावी खिलाफ हलफनामे में कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वाराणसी कैंट विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र में कई अहम समस्याएं बनी रहीं। सबसे बड़ी चुनौती शुद्ध पेयजल और सीवर की है, जहां कई इलाकों में अभी भी साफ पानी की कमी है और बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या लोगों को बीमार बना देती है। खासकर पुराने मोहल्लों में ड्रेनेज सिस्टम बेहद कमजोर है। सड़कों की हालत भी खराब बनी हुई है, कई जगहें उखड़ी हुई हैं और ट्रैफिक प्रबंधन व अतिक्रमण की वजह से आवागमन मुश्किल हो जाता है। कैंट क्षेत्र में अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बनकर सामने आया है, जिससे सफाई, बिजली और सड़क सुधार पर असर पड़ा है। इसके अलावा, संकटमोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आवास जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल भी हैं, जिनके संरक्षण व विकास की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में बुनकर और लकड़ी के खिलौने बनाने वालों को समर्थन देने की योजनाएं चलाई गईं, लेकिन व्यापक आर्थिक सुधार अभी भी चुनौती बना हुआ है। बिजली कटौती और खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या भी कई इलाकों में बनी हुई है। इन सब मुद्दों के समाधान के लिए स्थानीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव सक्रिय हैं, परन्तु पूरी तरह संतोषजनक प्रगति अभी तक नहीं हुई है, जिससे ये विषय जनता के बीच लगातार चर्चा में बने हुए हैं।