जहूराबाद विधानसà¤à¤¾ सीट - Ghazipur
जहूराबाद |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री ओम प्रकाश राजभर |
| जिला | Ghazipur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | सुलेहदेव भारतीय समाज पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | गाजीपुर |
जहूराबाद विधानसभा
जहूराबाद विधानसभा सीट (संख्या 377) उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित है और यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से पूर्वांचल की चर्चित सीटों में गिनी जाती है। यह सीट गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां का सामाजिक ताना-बाना जातीय और धार्मिक विविधता से भरा है, जिससे हर चुनाव में समीकरण बदलते रहते हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गाजीपुर
विधानसभा क्रमांक: 377
आरक्षण : सामान्य
कुल जनसंख्या: 555,585
साक्षरता दर (2011): 71.78%
लिंगानुपात: 820/1,000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 89.3%
मुस्लिम: 10.2%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 21.86%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,45,432
विजेता: ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी))
वोट शेयर: 46.8%
उपविजेता: कालीचरण राजभर (बीजेपी)
मतदान प्रतिशत: 59.0%
जहूराबाद विधानसभा सीट गाजीपुर की एक अहम सीट मानी जाती है, जहां राजनीति काफी हद तक जातीय समीकरणों खासकर राजभर, दलित और मुस्लिम मतदाताओं पर टिकी रही है। 1990 के दशक में यह सीट बसपा, भाजपा और कांग्रेस के बीच बदलती रही, जबकि 2002 और 2007 में बसपा के कालीचरण ने जीत हासिल की। 2012 में सपा की सैयद शादाब फातिमा विधायक बनीं और मंत्री पद तक पहुँचीं। 2017 से ओम प्रकाश राजभर का इस सीट पर दबदबा बना हुआ है। पहले उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और जीते, फिर 2022 में सपा गठबंधन से चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। 2022 के चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय था ओम प्रकाश राजभर, कालीचरण राजभर (भाजपा), और सैय्यदा शादाब फातिमा (बसपा) के बीच। ओम प्रकाश राजभर ने 45,632 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उस चुनाव में जातीय ध्रुवीकरण साफ नजर आया और उनका वोट शेयर 46.45% तक पहुँच गया, जिससे यह साबित हुआ कि उनका क्षेत्र में प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश के एक जाने-माने नेता हैं और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। वे गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से विधायक हैं और 2017 में पहली बार चुनाव जीतकर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे। उनका सफर टैंपो चलाने से शुरू हुआ और वे राजनीति में बड़ी पहचान बना चुके हैं, खासकर पूर्वांचल में राजभर समुदाय और अति पिछड़ी जातियों की आवाज के तौर पर। उन्होंने 2002 में अपनी पार्टी बनाई और 2017 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के अधिकार और राजनीति में हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर वे हमेशा खुलकर बोलते रहे हैं। अब तक की जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ किसी गंभीर आपराधिक मामले का जिक्र नहीं मिला है। 2022 चुनावी हलफनामों के अनुसार उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जहूराबाद विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच सालों में जहूराबाद विधानसभा (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) में लोगों को कई अहम समस्याओं का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र में सड़कें खराब हालत में रहीं, बिजली की कटौती आम रही और साफ पेयजल की भी कमी महसूस की गई। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने की मांग लगातार उठती रही, क्योंकि वहां ज़रूरी सुविधाओं की कमी है। युवाओं के लिए रोजगार के मौके कम हैं, जिससे पलायन बढ़ा है, और लोग स्वरोजगार व छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग कर रहे हैं। खेती इस इलाके की मुख्य आर्थिक गतिविधि है, लेकिन सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता और फसल के सही दाम जैसी परेशानियाँ किसानों के लिए बड़ी चिंता बनी रहीं। साथ ही, सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लागू न होना और उनमें फैला भ्रष्टाचार भी लोगों की नाराजगी की वजह रहा। ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व में पिछड़े वर्गों की आवाज जरूर मजबूत हुई है, लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर जनता को प्रतिनिधित्व और संवाद की कमी भी खलती रही है। इन सभी मुद्दों ने मिलकर क्षेत्र की राजनीति और चुनावों पर गहरा असर डाला है।