जहूराबाद विधानसभा से विधायक ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
जहूराबाद विधानसभा
ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बेहद साधारण परिस्थितियों से की और बाद में पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। 2002 में एसबीएसपी की स्थापना करने के बाद उन्होंने पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया। 2017 में पहली बार विधायक बने और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर
- 2002 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की स्थापना की।
- पूर्वांचल की पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों को राजनीतिक मंच देने का अभियान शुरू किया।
- 2017 में भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में जहूराबाद से विधायक चुने गए।
- योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, हज, वक्फ और पंचायतीराज मंत्री रहे।
- 2017 से 2022 के बीच सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दों पर लगातार मुखर रहे।
- 2022 में समाजवादी पार्टी गठबंधन के साथ चुनाव लड़कर दूसरी बार विधायक बने।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- अति पिछड़े वर्गों को अलग श्रेणी में आरक्षण देने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया।
- छात्रवृत्ति और प्रमाणपत्र संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रयास किए।
- पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों की समस्याओं के समाधान के लिए कई पहल कीं।
- सड़क, इंटरलॉकिंग, स्कूल भवन, सामुदायिक केंद्र और पेयजल योजनाओं के विकास में योगदान दिया।
- किसानों, मजदूरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मुद्दों को लगातार उठाया।
- जनचौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से सीधा संवाद बनाए रखा।
जहूराबाद के प्रमुख नेता
- ओम प्रकाश राजभर एसबीएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और अति पिछड़े वर्गों की राजनीति के प्रमुख चेहरे माने जाते हैं।
- कालीचरण राजभर भाजपा के नेता हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं।
- शादाब फातिमा पूर्व विधायक रही हैं और मुस्लिम महिला नेतृत्व का प्रमुख चेहरा मानी जाती हैं।
- ज्ञान प्रकाश मुन्ना कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और सामाजिक कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं।