जमानिया विधानसभा से विधायक ओम प्रकाश सिंह का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
जमानिया विधानसभा
ओम प्रकाश सिंह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और गाजीपुर जिले की जमानिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 13 मई 1959 को गाजीपुर के सेवराई गांव में एक किसान परिवार में हुआ। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एमए और बीएड की शिक्षा प्राप्त की तथा 1985 में बीएचयू छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने गए। वे 1989 में पहली बार विधायक बने और 1998 में सांसद भी रहे। उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई, पर्यटन तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर
- 1989 में जनता दल के टिकट पर दिलदारनगर (वर्तमान जमानिया) सीट से पहली बार विधायक बने।
- 1991 में दोबारा जीत दर्ज की और क्षेत्र में मजबूत जनाधार स्थापित किया।
- 1993, 1996 और 2002 में लगातार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए।
- मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
- 2007 में चुनाव हार गए लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय बने रहे।
- 2012 में परिसीमन के बाद बनी जमानिया सीट से फिर विधायक चुने गए।
- 2022 में भाजपा की सुनीता सिंह को 22 हजार से अधिक मतों से हराकर सातवीं बार विधानसभा पहुंचे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण संपर्क मार्गों, सड़कों और पुलों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय भवनों, पुस्तक वितरण और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा दिया।
- स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, अस्पतालों के विकास और कोविड राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- सिंचाई व्यवस्था, किसानों के हित और मजदूर वर्ग की समस्याओं को लगातार विधानसभा में उठाया।
- गरीब परिवारों को आवास, राशन और पेयजल योजनाओं का लाभ दिलाने में योगदान दिया।
- दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व तथा छात्रवृत्ति योजनाओं को बढ़ावा दिया।
- विपक्ष के प्रमुख नेता के रूप में सरकार की नीतियों और बजट पर मुखरता से अपनी बात रखते रहे हैं।
जमानिया के प्रमुख नेता
- ओम प्रकाश सिंह सात बार विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं तथा पूर्वांचल की राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
- सुनीता सिंह भाजपा की नेता हैं और 2017 में विधायक चुनी गई थीं।
- युसूफ/परवेज खान बसपा से जुड़े नेता रहे हैं और शिक्षा तथा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
- उमाशंकर कुशवाहा पिछड़े वर्गों और पंचायत सशक्तिकरण के मुद्दों पर सक्रिय राजनीति करते रहे हैं।